ट्रेडमार्क Trademark

ट्रेडमार्क एक विशेष चिन्ह है जो उन वस्तुओं या सेवाओं की पहचान है जो किसी व्यक्ति या फर्म द्वारा उत्पादित या उपलब्ध कराई जाती हैं। ट्रेडमार्क में एक या अधिक शब्दों, अक्षरों, अंकों का मिश्रण होता है।

इसमें रेखाचित्र, सिम्बल, त्रिआयामी रंग या रंगों का संयोजन हो सकता है। इनका इस्तेमाल व्यापारियों, कम्पनियों और फर्मों द्वारा किया जाता है ताकि उनके उत्पाद या वस्तुएं उनके प्रतिद्वंद्वियों से अलग नजर आएं।

उपभोक्ता भी ट्रेडमार्क वाली वस्तुओं को ज्यादा गुणवत्तापूर्ण मानते हैं यानी उपभोक्ता कोई वस्तु खरीदते समय चयन करने हुए ट्रेडमार्क को महत्व देते हैं। टाटा, कैडबरी, गोदरेज, बाटा, आईटीसी, बजाज, लिबटी, बैद्यनाथ, डाबर जैसे कई उदाहरण हम रोज देखते हैं।

ट्रेडमार्क द्वारा उस वस्तु की डिजाइन या विचार की नकल को रोका नहीं जा सकता, हालांकि अपने उत्पाद के बारे में उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाया जा सकता है।

रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क की अवधि

प्रारम्भ में एक ट्रेडमार्क दस वर्ष की अवधि के लिए रजिस्टर्ड किया जाता है, लेकिन समय-समय पर नवोलीकरण शुल्क दे कर इसका नवीनीकरण असीमित समय के लिए किया जा सकता है।

ट्रेडमार्क आवेदन के लिए भारत में शुल्क

एक ही वर्ग में आने वाली वस्तुओं या सेवाओं के लिए ट्रेडमार्क आवेदन रु. 4,000.00 केन्द्र के माध्यम से अभी तक ट्रेडमार्क हेतु 5 आवेदन किये जा चुके है जिनमें एक आवेदन पंजीकृत हो चुका है।

ट्रेडमार्क आवेदन करने का पता पेटेंट, ट्रेडमार्क एवं डिजाइन नियंत्रक, पेटेंट कार्यालय, बौद्धिक सम्पदा भवन. एस. एम. रोड, एनटॉप हिल्स पोस्ट ऑफिस के पास, एमटॉप हिल्स, मुम्बई 400037

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