Swa Rojgar

प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का सृजन करना है।

प्रदेश में संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाएं

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना

प्रदेश के शिक्षित युवाओं को स्वजरोजगार से जोड़ने के उदेश्य से मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना 10

जनवरी 2022 से प्रारंभ किया गया।

पात्रताएं: 1. आयु 18 से 40 वर्ष के मध्य

  1. न्यूनतम 12 वी कक्षा उत्तीर्ण
  2. परिवार की वार्षिक आय रूपये 12 लाख से अधिक न हो। 4. साथ ही आवेदक किसी अन्य स्वरोजगार योजना का हितग्राही न हो और किसी बैंक या वित्तीय

संस्था का डिफाल्टर भी नहीं होना चाहिए।

परियोजना लागत औद्योगिक विनिर्माण इकाई के लिये राशि रूपये 1 लाख से 50 लाख तक

सेवा एवं खुदरा व्यवसाय हेतु राशि रूपये 1 लाख से 25 लाख तकसहायतायें 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज अनुदान अधिकतम वर्षों तक वार्षिक आधार पर

7 ऋण गारंटी शुल्क, प्रचलित दर पर अधिकतम 7 वर्षों तक प्रतिपूर्ति योजना का उद्देश्य :- नये स्वरोजगार उद्यमों / परियोजनाओं / सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम

योजना का क्रियान्वयनः- एमएसएमई विभाग द्वारा

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

से

प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का सृजन करना है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत विनिर्माण क्षेत्र के लिए 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा सकेगा। सामान्य वर्ग के आवेदक को 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान जमा करना होगा और शहरी क्षेत्र में उद्योग स्थापना हेतु 15 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्र में 25 प्रतिशत सब्सिडी (मार्जिन मनी) प्रदान की जायेगी।

इसी प्रकार (अजा/अजजा / अपिव/अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व सैनिक, शारीरिक विकलांग, आकांक्षी जिले, ट्रांसजेंडर और पूर्वोत्तर, पहाड़ी व सीमावर्ती क्षेत्रों सहित) आवेदकों को 5 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी होगी और शहरी क्षेत्र में उद्योग स्थापना हेतु 25 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्र में 35 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जायेगी।

विनिर्माण क्षेत्र के लिये 10 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपये से अधिक की परियोजना

लागत के लिए आवेदक म्यूनतम 8 वीं कक्षा उत्तीर्ण होना जरुरी है। योजना का क्रियान्वयन पूर्णतः ऑनलाईन प्रणाली पर आधारित है। इच्छुक आवेदक द्वारा आयोग की वेबसाईट www.kviconline.gov.in, PMEGP e-portal पर दिये गये दिशा-निर्देशानुसार आवेदन किया जा सकता है।

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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-II उद्देश्य

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के सफल हितग्राहियों को अपने व्यवसाय के विस्तार हेतु प्रोत्साहन

प्रदान करना । पात्रता :

PMEGP/MUDRA के ऐसे हितग्राही जिन्होंने 3 वर्ष तक सफलतापूर्वक अपने उद्यम को चलाते हुए पूर्व का ऋण चुकता कर दिया हो ।

योजनान्तर्गत विनिर्माण क्षेत्र के लिए 1 करोड़ रुपये और सेवा क्षेत्र के लिए 25 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा सकेगा।

हितग्राही से योजनान्तर्गत 10% का अंशदान लिया जायेगा। योजना अंतर्गत लाभ परियोजना लागत का 15% अधिकतम रु. 15 लाख योजना का क्रियान्वयन : पूर्णतः ऑनलाईन प्रणाली पर आधारित है. इच्छुक आवेदक द्वारा आयोग की

वेबसाईट www.kviconline.gov.in के PMEGP e-portal पर दिये गये दिशा-निर्देशानुसार

आवेदन किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता योजना

उद्देश्य

ग्रामीण क्षेत्र में पथ विक्रेता व्यवसायियों को 10 हजार रूपये तक, बैंक से कार्यशील पूंजी ऋण के रूप में उपलब्ध कराने में सहयोग करना। नियमित ऋण वापसी को प्रोत्साहित करना तथा छोटे उद्यमियों को व्यापार-व्यवसाय में प्रशिक्षण में सहयोग देना।

पात्रता

18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के ग्रामीण प्रवासी श्रमिक, गरीब वर्ग के परिवार, ग्रामीण क्षेत्र के व्यवसायी, जिनके परिवार की महिलायें आजीविका मिशन या तेजस्विनी परियोजना में गठित स्व-सहायता समूह की सदस्य हों, लाभावित हो सकते हैं। शैक्षणिक योग्यता एवं जाति एवं वर्ग का कोई बंधन नहीं ।

योजना अंतर्गत लाभ

राज्य शासन द्वारा प्रति हितग्राही को रू.10 हजार तक का ब्याजमुक्त ऋण

राज्य शासन द्वारा क्रेडिट गारंटी का प्रावधान। योजनान्तर्गत पात्र हितग्राहियों को स्टाम्प ड्यूटी के प्रयोजनों से भी मुक्त रखा गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

उद्देश्य

इस योजना के तहत छोटे उद्योगों को लोन उपलब्ध कराया जायेगा जिससे आसानी से इन उद्योगों की शुरुआत हो सके और देश में रोजगार के अवसर बढ़े।

मुद्रा लोन तीन प्रकार के है शिशु शिशु लोन के अंतर्गत 50 हजार तक का लोन दिया जायेगा. किशोर किशोर लोन के तहत 50 हजार से 5 लाख तक के लोन का प्रावधान हैं

तरुण तरुण लोन के अंतर्गत 5 लाख से 10 लाख तक का लोन का प्रावधान हैं. (नोट:- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कोई सब्सिडी नहीं मिलती है।) मुद्रा लोन देने वाले वित्तीय संस्थान

सरकारी बैंक प्राइवेट बैंक

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक छोटे फाइनेंस बैंक

माइक्रो फाइनेंस इंस्टिट्यूशन एनबीएफसीज (नॉन-बैंकिंग फाइनेशियल कंपनिया)

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स्टैंड-अप इंडिया योजना उद्देश्य :

योजना का उद्देश्य प्रत्येक बैंक शाखा द्वारा कम से कम एक अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति और एक महिला को नई (ग्रीनफील्ड) परियोजना की स्थापना के लिए रु. 10 लाख से रु. 1 करोड़ के बीच बैंक ऋण (सावधि ऋण और कार्यशील पूंजी सहित) प्रदान करना है। ये उद्यम विनिर्माण सेवा या व्यापार क्षेत्र से संबंधित हो सकते हैं। स्टैंड-अप इंडिया योजनान्तर्गत पात्रता :

अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमी, जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक है। योजना के अंतर्गत सहायता केवल नई (ग्रीनफील्ड) परियोजनाओं के लिए उपलब्ध है। इस सदमें में. नई (ग्रीनफील्ड) परियोजना का अर्थ है- सानार्थी का विर्निमाण या संवाक्षेत्र या व्यापार क्षेत्र में पहली

बार उद्यम लगाना ।

क्रियान्वयन बैंक द्वारा सीधे संचालित

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान ( Rural Self Employment Training Institute (RSETI) इसका उद्देश्य 18-45 वर्ष के गरीब ग्रामीण युवा/युवतियों का कौशल उन्नयन कर, स्वरोजगार हेतु सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण हेतु पात्रता की शर्तें

  1. प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के व्यवसायी जो जाजीविका मिशन / तेजस्विनी परियोजना में गठित समूह सदस्य हों या जिनकी पत्नी समूह की सदस्य हों।
  2. ग्रामीण प्रवासी श्रमिक एवं समाज के समस्त गरीब। 3. रोजगार / कामगार सेतु पोर्टल पर दर्ज ग्रामीण क्षेत्र के प्रवासी श्रमिक ।
  3. मध्यप्रदेश का मूल निवासी के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता होगी किंतु स्थानीय प्रमाणपत्र शासन द्वारा घोषित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया हो।
  4. आवेदक किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक / वित्तीय संस्था / सहकारी बैंक का चूककर्ता (Defaulter) नहीं होना चाहिए।
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