Sarpanch Ke Adhikar

सरपंच, उपसरपंच के अधिकार एवं कृत्य

ग्राम पंचायत का सरपंच पंचायत अधिनियम के प्रावधानों को कियान्वित करने के लिये उसके द्वारा धारित प्रस्ताव एवं संकल्पों को राज्य शासन के समस्त निर्देशों को एवं पंचायत अधिनियम की धारा 49 के ग्राम पंचायत को प्रदत्त कृत्यों को क्रियान्वित करने के लिये प्रत्यक्षतः उत्तरदायी होगा।

इसके अतिरिक्त निम्न उत्तरदायित्व भी सरपंच का होगा गाँव के विकास और उसमें निवास करने वाले लोगों की भलाई की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है।

  1. बैठक में लिएका फलाना समासमा उही मालिश स्थापनी में इसी

हाथ की प्रति

ग्राम पंचायत क्षेत्र में मन्दर प्रसन का काम करने वाले

गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज संस्थान, अधारताल, जबलपुर (म.प्र.)

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ग्राम पंचायत की जिम्मेदारियों को निभाने, लिखापढ़ी करने, कम्प्यूटर पर जानकारी रखने, जानकारी जनपद पंचायत के कार्यालय को भेजने ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की बैठको संबंधी कार्यवाही करने, आमदनी और खर्च का हिसाब किताब रखने तथा अन्य अभिलेख संचारित करने के लिये सचिव और रोजगार सहायक की नियुक्ति की है।

इन दोनों के द्वारा जो भी काम किये जा रहे हैं उन पर निगरानी रखना और जरूरी मार्गदर्शन देने का काम भी सरपंच द्वारा किया जाना है।

ग्राम पंचायत उपसरपंच के लिये आवश्यक बातें

ग्राम पंचायत की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना चाहिये । बैठक में अपनी हक की बात को गम्भीरता से रखना चाहिये । • शासकीय योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करना चाहिये व उसका लाभ जरूरत मन्द तक पहुचें

इसका प्रयास करना चाहिये ।

बैठक में अपना आचरण संयमित रखना चाहिये ।

असंसदीय भाषा का उपयोग कदाचित नहीं करना चाहिये । किसी ऐसे विषय के संबंध में जो न्यायालय में विचाराधीन हो, टीका-टिप्पणी नही करना चाहिये। स्थानीय शासन, राज्य शासन या केन्द्रीय सरकार के किसी पदधारी या पदाधिकारी के विरुद्ध व्यक्तिगत आरोप या अभियोग नहीं लगाना चाहिये। .

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संसद या किसी राज्य के विधान मण्डल या किसी जिला पंचायत या जनपद पंचायत के संचालन या

कार्यवाहियों के संबंध में असंसदीय भाषा का प्रयोग नही करेगा |

मानहानिकारक शब्दों का उच्चारण नहीं करना चाहिये । किसी विषय पर बोलने का इच्छुक पदधारी अपने स्थान पर खड़ा होगा किन्तु सभापति व्दारा उसका नाम पुकारे जाने के पूर्व नही बोलेगा, बोलते समय पदधारी को सभापति को संबोधित कर अपनी बात करना चाहिये । .

ग्राम पंचायत की मासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित हो

ग्राम पंचायत के सदस्यों को उसकी सूचना समय पर तामिल हो

ग्राम पंचायत के एजेन्डा में वे विषय अवश्य जोड़े जायें जिन के संबंध में चर्चा की जाना है । ग्राम पंचायत में लिये जाने वाले निर्णय सर्वसम्मति से पारित कराने का प्रयास किया जाना चाहिये ।

ग्राम पंचायत का बजट समय-सीमा में तैयार हो जावे इसे सुनिश्चित करना चाहिये । ग्राम पंचायत का वार्षिक प्रतिवेदन समय सीमा में तैयार किया जाना चाहियें । . पंच की जिम्मेदारी

पंच ग्राम पंचायत के बार्ड के चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं। बार्ड के मतदाता पंच को सीधे चुनते हैं। अतएव उस बार्ड के निर्माण-विकास में पंच सीधे तौर पर जिम्मेदार होते है। ग्राम पंचायत की बैठकों में पंचों की महत्वूर्ण भूमिका है। ग्राम पंचायत के समस्त निर्णय पंचों की सर्वानुमति या बहुमत के आधार पर ही होते हैं। इसका मतलब है कि ग्राम पंचायत के निर्णयों में यदि किसी का सर्वाधिक नियंत्रण है तो दे पंच ही है।

इसके अलावा ग्राम पंचायत के काम-काज के लिए निर्मित तीनों स्थाई समितियों में पंच सदस्य होते हैं जहां रहकर वे पंचायत के निर्णयों के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ग्राम पंचायत का सरंपच यदि अधिनियम के विरुद्ध काम करे तो पंचों को अधिकार है कि वे उसके विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं।

महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं संस्था अधारताल, जबलपुर (म.प्र.)

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पंच की भूमिका

• ग्राम पंचायत की आयोजित बैठकों में अनिवार्यतः भाग लेना, एजेण्डा में संबंधित वार्ड के बिन्दुओं को शामिल कराना तथा चर्चा करना।

ग्राम विकास एवं सामाजिक न्याय की योजनाओं के निर्माण तथा क्रियान्वयन में सहयोग देना। ग्राम विकास एवं सामाजिक न्याय की योजनाओं के निर्माण तथा क्रियान्वयन में सहयोग देना।

वार्ड के लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पहचान कर उन्हें योजनाओं के माध्यम से लाभ

दिलाने के प्रयास करना।

ग्राम सभा की बैठकों में उपस्थिति तथा अधिक से अधिक लोगों को बैठकों में भाग लेने हेतु प्रेरित

करना।

ग्राम पंचायत क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों में सहयोग तथा निगरानी रखना।

निर्वाचित महिला पंच की भूमिका

ग्राम पंचायत की निर्वाचित महिला पंचों की पंचायत क्षेत्र के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके द्वारा स्कूल में मध्यान्ह भोजन का समय पर वितरण, रोस्टर अनुसार रोज एक माता का भोजन करना, स्कूल में लड़के तथा लड़कियों के लिये पृथक शौचालय की व्यवस्था और बच्चों का स्कूल में नियमितिकरण,

ग्राम में साफ-सफाई की व्यवस्था, ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी, प्रत्येक बच्चे का पूर्ण टीकाकरण जैसे कार्य सुनिश्चित किये जाना चाहिये। प्रत्येक पंच द्वारा हर माह या ग्राम पंचायत की बैठक के पूर्व आवश्यक रूप से ग्राम पंचायत क्षेत्र के स्कूल / आंगनबाड़ी/स्वास्थ्य केन्द्र का आवश्यक रूप से निरीक्षण कर उपरोक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायेगी।


ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका

संविधान के संशोधन तथा पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों को समझना और इनकी मूल के अनुसार ग्राम सभा और उसकी स्थायी समितियों के समस्त उत्तरयों को पूरा करना हितग्राही मूलक योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करना स्वरोजगार खुद कार से जोड़ना तथा

गांव के चहुमुखी विकास के लिए जो कार्य चल रहे हैंउन्हें कामको मुख्यधारा से जीतकर सामाजिक समरसता का निर्माण करना। विभिन्न विभागों द्वारा दिये उन्हें काम अधिकार एवं योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करना, उन्हें उनकी भूमिका ठीक से समझाना, ताकि विकास कार्यों में उनकी सहभागिता बढ़ सके। शासकीय नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुसार ग्राम का राज्य का कियान्ययन करवाना।

राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 69 में राज्य सरकार की ओर से प्राधिकृत अधिकारी ग्राम पंचायत सचिव की नियुक्ति करते हैं। पंचायत सचिवों की जिम्मेदारी है कि वे ग्राम सभा व ग्राम पंचायत के लिये अधिनियम के द्वारा निर्धारित अपनी भूमिका का समुचित रीति से निर्वाह करें।


सचिव के उत्तरदायित्व:

ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव के कार्य :–

ग्राम पंचायत और ग्राम सभा का वार्षिक गदिन हर ग्राम पंचायत और ग्राम सभा में रखना और पर ग्राम पंचायत की मूल एवं अचल संपत्ति का भैया रखना कच्चा पर स्वचि की

पंजी में प्रविष्टि कर उसका भौतिक सत्यापन प्रति या विष्णप्रसाद सु पंचायत द्वारा अधिकृत पंच से कराना।

अचल संपत्ति भवन, तालाब, बगीचे, बाजार, मैसे की मूर्ति के राय एवं वाली प पर ध्यान देना और समय-समय पर उसकी मरम्मत कराने हेतु सरपंच, ग्राम पंचायत और ग्राम सभा को सुझाव देना। अचल संपत्ति से होने वाली आय का लेखा-जोखा रखना। जैसे चिन एवं

किराया, तालाब एवं मछली पालन, सिंचाई उत्पादन बाग बगीचे आदि। ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की आधारभूत जानकारियाँ रखना।

  1. ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की अचल संपत्ति का ब्यौरा ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के अधीनस्थ संस्थाओं की जानकारी रखना।

ग्राम पंचायत और ग्राम सभा क्षेत्र में स्थित अन्य संस्थाएं, सहकारी समिति, चिकित्सालय, स्कूल, प्रौढ़ शिक्षा, आंगनवाडी, पटवारी कार्यालय आदि की जानकारी रखना।

  1. दैनिक डायरी लिखना और उसे मासिक बैठक में प्रस्तुत कराना। 10. ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के अधीनस्थ कार्यरत कर्मचारियों की देख-रेख करना। 11. इसके अतिरिक्त समय-समय पर ग्राम पंचायत और ग्राम सभा द्वारा सौपे गये अन्य काम

भी करना।

  1. मांद के मतदाताओं की सूची रखना तथा आवश्यकतानुसार संदर्भ के लिये प्रस्तुत करना।।

13 ग्राम सभा की बैठक सरपंच के सहमति से नियमानुसार आमंत्रित करना तथा कार्यसूची (पण्ड) बनाना। 14. सामान्यतः अंतिम रूप से निपटाये गए विषयों पर 6 माह तक विचार-विमर्श नहीं किया

जाता, परन्तु ग्राम पंचायत के तीन चौथाई सदस्य लिखित में पुनर्विचार के लिए अनुरोध करें तो ये प्रकरण विचार के लिए प्रस्तुत करना। 15. सत्पन्न, उपसरपंच, पंच के पद मृत्यु या अन्य किसी कारण से रिक्त होने की जानकारी

जनपद जिला पंचायत संधी संचालक पंचायत को भेजना। 16 संसार उत्सव सक्षा मंच का पद से हटाये जाने अथवा निलंबित किये जाने की सूचना जमल, जिला सदस्य, तथा संचालक पंचायत को भेजना।


योजना बनाने में सचिव की जिम्मेदारी :–

  1. ग्राम पंचायत और ग्राम सभा क्षेत्र की जनसंख्या का खौरा 2. ग्राम पंचायत और ग्राम सभा क्षेत्र में साक्षरों एवं निवारों का पीय

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले मृद्ध या

नाम तथा योजना से लाभ पाने वाले व्यक्तियों की संख्या जन्म एवं मृत्यु पंजीयन 3. ऋण प्राप्त करने हेतु आवेदन देना और ऋण प्राप्त होने पर उसका उपयोग उसी कार्या

के लिये करना जिसके लिये ऋण प्राप्त किया हो। 6. सभी प्रकार के ऋणों की अदायगी की ओर ध्यान देना और देखना की निर्धारित तिथि में

आगो की किश्त अदायगी हो जाती है।

  1. ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के लिये खरीदी की जाने वाली सामग्री की खरीदी हेतु नियम अनुसार भाव -पत्र मंगवाना, सामग्री की तुलनात्मक सूची को कमेटी के समझ

विचारार्थ प्रस्तुत करना। पंचायत एवं सामाजिक न्याय की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना। प्रतिवर्ष पंचायत पर्व आयोजित करना तथा पंचायत स्तर पर गठित समिति के निर्देशों का

पालन करना।

  1. राष्ट्रीय कार्यक्रमों जैसे प्रौढ़ शिक्षा एकीकृत बाल विकास, एफीकृत ग्रामीण विकास योजना, अल्प बचत योजना, अस्पृश्यता निवारण, मद्य निषेध, परिवार नियोजन, ग्रामीण आवास योजना, सामाजिक वानिकी निर्माण कार्य में सहयोग देना, उपलब्धियों का लेखा-जोखा रखना
  2. आपात कालीन स्थिति में जैसे बाढ़, आग, टिड्डी दल, बिजली गिरने आदि के प्रकोप के (काविद 19 महामारी) समय पर तत्परता से सहयोग देना ताकि प्रभावित व्यक्तियों को

राहत मिल सके।

12- ग्राम पंचायत और ग्राम सना क्षेत्र के समुचित विकास के लिये योजना तैयार करने में सरपंच एवं ग्राम सभा को सलाह देना और मदद करना।

महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज संस्थान अधारताल, जबलपुर (म.प्र)

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लेखा कार्य से संबंधित सचिव की जिम्मेदारी :

1.

ग्राम पंचायत और ग्राम सभा क्षेत्र में एक नाम विलास बोकी

वाले आय-व्यय का विवरण रखनी ।

  1. सामाजिक अंकेक्षण के लिए 15 दिवस पहने समक्ष सामा सौपना।

विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त राशि पंचायत कोष तथा ग्राम कोष में जमा करता और

हिसाब रखना तथा हेतु आवश्यक कार्यवाही करना ।

  1. ग्राम पंचायत और ग्राम सभा का आय-व्यय पत्रक तैयार कर प्राय सभा की बै स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करना तथा अनुमोदित आय-व्यय पर आगे कार्यवाही करन 5. ग्राम सभा की रोकड़ पंजी (कैश बुक) में प्रतिदिन आय व्यय दर्ज करना। कोम पूंजी में

प्रत्येक आय-व्यय के ब्यौरे पर सरपंच और कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर लेना।

  1. माह के अंत में अंतिम बचत का सत्यापन कर सरपंच के हस्ताक्षर लेना। रोकड़ बजी

(क-बुक) में व्यय हुई राशि की उपयोगिता प्रमाण पत्र दर्ज करना एवं स्वंय के हस्ताक्षर करना।

  1. हर माह की पांच तारीख तक गत माह के आय व्यय की जानकारी तैयार करना और ग्राम सभा की आगामी बैठक में अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करना।

४. पंचायत कोष तथा ग्राम कोष की राशि की सुरक्षा लेखा नियमों के अनुसार करना तथा यह देखना कि राशि स्थानीय सहकारी बैंक अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक ट्रेजरी अथवा पोस्ट ऑफिस में जमा की जाती है।

  1. ग्राम पंचायत तथा ग्राम सभा की आय व्यय का वार्षिक प्रतिवेदन निर्धारित समय तक तैयार करना तथा पंचायत और ग्राम सभा में रखना। 10. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत ऐच्छिक करों के निर्धारण

की कार्यवाही नियमों के अंतर्गत करना और ग्राम पंचायत तथा ग्राम सभा की बैठक में प्रस्तुत करना। 1 ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के करों का निर्धारण व मांग वसूली का रजिस्टर

नियमानुसार तैयार करना।

12 ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के करों की वसूली करना। 13. ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की आय में वृद्धि हेतु जैसे सामुदायिक सम्पत्ति निर्माण के लिये पंचायत वित्त निगम से ऋण प्राप्त करने के लिये प्रयास करना। इस संबंध में ग्राम

पंचायत और ग्राम सभा की सलाह लेना।

14 ग्राम पंचायत और ग्राम सभा को प्राप्त होने वाली अनुदान राशि का सही हिसाब रखना।

दुरुपयोग के मामले की सूचना सक्षम अधिकारी को देना।

  1. अनुदान का उपयोगिता प्रमाण-पत्र सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के लिये भेजना। 1 ग्राम पंचायत और ग्राम सभा को प्राप्त अशासकीय संस्थाओं में से महिला मंडल, कला मंडली बालवाडी आदि को दिये गये अनुदान के उपयोगिता प्रमाण-पत्र भिजवाना । 12. प्राप्त कुंवाया और ग्राम समा निरीक्षण तथा अंकेक्षण (आडिट) हेतु समस्त अभिलेख

स्वधन अधिकारियों को नियमानुसार प्रस्तुत करवाना एवं समय पर जानकारी देना। एक दिया का पालन प्रतिवेदन सरपंच तथा कोषाध्यक्ष के परामर्श से तैयार करना जर संबंधित अधिकारी को समय से भेजना तथा ग्राम पंचायत और ग्राम सभा में प्रवेदन प्रस्तुत करना।


सचिव के मुख्य कार्य :

यह भारत के सभी राजसमा अभिलेख ठीक से तैयार करे चिन्ह ।

यामरामा के सदस्यों जल मार्ग जाने पर वर्क पंचायत मनी जानकारी पाक के जन व उसके संचालन में सहयोग है। सत्यात उ

4 को आगाधित करने में समिति भीमकु 5. आम सभा की बैठक के आयोजन व तक की सूचना सभी एक मकान में पास्टर की दिल क

प्रजापत की वार्षिक योगगा बजट व सेवा संधी दस्तारेण तैयार करे मेरा सभी की दार्षिक बैठक में रखे

शिक्षा (

प्रतिदिन प्राण पुण्य का कार्यालय पर किये गये व अनवार गोते ।

व्यावद में सचिव को गुम भूमिका तर पटकथा बनाना किराए पर न तुला पुत्र पान प्रसाशन की मदद करना व पंचायत बना गए राम को उल्टी लम्बाईना ब

पाका मनाची रंग से काम कर सके।

10 राषि की नीम सूप को रखता।

ग्राम सभा की बैठक का स्थान, समय, तारीख और प्राङ्गरी विषयों की आम सहना गार में मामलमा पातोडी पिटवाकर कराये और संबंधित सूचना गांव के कई सार्वजानित्य उगतों में करने वाल गांव के सभी लोगों को ग्राम सभा के बैठक की सूचना करणगतानी से मिल सके।

ग्राम रोजगार सहायक की जिम्मेदारियां

सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक रोजगार सहायक की नियुक्ति की गई है। सरकार द्वारा रोजगार सहायक को सहायक सचिव घोषित किया गया है। रोजगार सहायक की निम्न जिम्मेदारियां हैं।

  1. मजदूरों द्वारा दिये गये आवेदनों को इकट्ठा करना तथा मजदूरों को पावती देना।

ज्याम पंचायत में रखे जाने वाले अभिलेखों का कम्प्यूटीकरण करना। 3. वरिष्ठ कार्यालयों को जानकारी भेजना।

  1. ऑनलाइन जानकारियों को संधारित करना। 5. सचिव द्वारा निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों में सचिव को सहयोग देना।
  2. सरपंच द्वारा बताये गये कानों को पूरा करना।
  3. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के जॉब कार्ड संधारित करना।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के मस्टर रोन जारी करवाना तथा उनका संधारण करना।

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