सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY)

सांसद आदर्श ग्राम योजना महात्मा गांधी की ग्रामीण विकास की संकल्पना ‘स्वराज को सुराज में बदलने के लिए आदर्श ग्रामों के विकास पर केंद्रित है। योजना का लक्ष्य मौजूदा संदर्भ को ध्यान में रखते हुए महात्मा गांधी के इस व्यापक और जीवंत स्वप्न को सार्थक बनाना है।

सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) www.rural.nic.in, www.sagy.gov.in

योजना के तहत, प्रत्येक संसद सदस्य एक ग्राम पंचायत को गोद लेते है और बुनियादी ढाँचें के समान सामाजिक विकास को महत्व देते हुये इसकी समग्र प्रगति का मार्गदर्शन करते है।

सांसद आदर्श ग्राम योजना के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार है 1 चिन्हित ग्राम पंचायतों के समग्र विकास में मददगार प्रक्रियाओं में तेजी लाना।

आबादी के सभी वर्गों के जीवन स्तर और जीवन गुणवत्ता में पर्याप्त रूप से सुधार लाना। 3 स्थानीय स्तर पर विकास और प्रभावी स्थानीय शासन का मॉडल तैयार करना जिससे कि आसपास

की ग्राम पंचायतों को सीखने और इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। 4 चिन्हित आदर्श ग्रामों को स्थानीय विकास के विद्यालयों के रूप में स्थापित करना ताकि अन्य ग्राम पंचायतों को प्रशिक्षण दिया जा सके।

संसद सदस्य आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए अपने खुद के गांव से भिन्न अन्य उपयुक्त ग्राम पंचायत का निर्धारण और चयन अपने निर्वाचन क्षेत्र से करेंगे। सांसद आदर्श ग्राम योजना की गतिविधियों में प्रमुख रूप से निम्नलिखित कार्यकलाप शामिल होंगे

  1. वैयक्तिक विकास
  2. मानव विकास
  3. सामाजिक विकास
  4. आर्थिक विकास
  5. पर्यावरण विकारा
  6. सामाजिक सुरक्षा
  7. बुनियादी सुविधाएं और सेवा

  1. सुशासन समिति की गई प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए एक ग्राम विकास योजना स्थानीय संदर्भ, संभावनाओं और जरूरतों के आधार पर तैयार की जाएगी जिसमें प्रत्येक गरीब परिवार को गरीबी से उबारने में मदद पर विशेष ध्यान दिया जाएगा 2014 से प्रारम्भ इस योजना में प्रत्येक सांसद को अपने निर्वाचन क्षेत्र में 2024 तक 5 गांवों को सांसद आदर्श ग्रामों के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
  2. इसमें सांसद उत्प्रेरक की भूमिका में होंगे। उत्प्रेरक के रूप में गांव को संगठित करना, मार्गदर्शन देना एवं सुविधा प्रदाता की महत्त्वपूर्ण भूमिका प्रमुख हैं।
  3. योजना में 3 बातो पर जोर दिया जाता है यह मांग आधारित हो,
  4. समाज द्वारा प्रेरित हो. इस योजना के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार का उपयोग शुरू करना महत्वपूर्ण है।
  5. ये प्रमुख रूप से इसमें जनता की भागीदारी हो।

निम्नलिखित क्षेत्रों में होंगे

  1. अंतरिक्ष अनुप्रयोग और सुदूर संवेदन
  2. मोबाईल आधारित तकनीक
  3. कृषि से संबंधित प्रौद्योगिकी और नवाचार
  4. उपयुक्त भवन निर्माण प्रौद्योगिकियां
  5. सड़क निर्माण प्रौद्योगिकियां
  6. जल आपूर्ति और स्वच्छता संबंधी प्रौद्योगिकिया
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