ग्राम पंचायत विकास योजना के निर्माण, क्रियान्वयन की विभिन्न स्तर की भूमिका एवं जिम्मेदारियां

ग्राम पंचायत द्वारा एक व्यवहारिक तथा कार्य रूप में परिणित करने योग्य विकास योजना तैयार करने में अपेक्षित सहयोग तथा मार्ग दर्शन प्रदान करने के लिए राज्य स्तर से लेकर ग्राम पंचायत वार्ड स्तर तक सभी की जिम्मेदारियां तथा भूमिकाएं निम्नानुसार निर्धारित की जा सकेगी।

राज्य स्तर

राज्य स्तर पर निम्नानुसार दो व्यवस्थाएं स्थापित होंगी

(अ) साधिकार समिति

(ब) राज्य स्तरीय रिसोर्स ग्रुप ।

जिला स्तर

ग्राम पंचायत विकास योजना की अवधारणा को अपने जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत तक पहुंचाना।

ग्राम पंचायत के रिसोर्स एनवलप को अद्यतन रखना जिला स्तर से विकास योजना तैयार करने में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना।

विकास योजना के विभिन्न घटकों से संबंधित विभागों के मध्य समन्वय ।

जिला पंचायत की बैठकों में ग्राम पंचायत विकास योजना की अवधारणा का प्रचार-प्रसार तथा समय-समय पर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करना ।

जिला एवं ग्राम पंचायतों के मध्य समन्वय करना ।

जिला एवं राज्य के मध्य समन्वय करना ।

दक्षता संवर्धन (प्रशिक्षण) हेतु आवश्यक प्रयास करना।

जनपद स्तर

ग्राम पंचायत विकास योजना की अवधारणा को अपनी जनपद पंचायत की प्रत्येक ग्राम पंचायत तक पहुंचाना।

ग्राम पंचायत के रिसोर्स एनवलप को अद्यतन रखना ।

जनपद पंचायत स्तर से विकास योजना तैयार करने में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना।

विकास योजना के विभिन्न घटकों से संबंधित विभागों के मध्य समन्वय ।

जनपद पंचायत की बैठकों में ग्राम पंचायत विकास योजना की अवधारणा का प्रचार-प्रसार तथा समय-समय पर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करना ।

ग्राम पंचायतों तथा जिला पंचायत के मध्य समन्वय करना।

दक्षता संवर्धन (प्रशिक्षण) हेतु अपेक्षित प्रयास करना।

क्लस्टर स्तर

प्रदेश में ग्राम पंचायतों का आकार छोटा होने के कारण ग्राम विकास योजना की तैयारी, तकनीकी सहायता तथा दक्षता संवर्धन (प्रशिक्षण) की दृष्टि से क्लस्टर को मुख्य इकाई के रूप में स्थापित किया जाये।

ग्राम पंचायत स्तर

ग्राम पंचायत द्वारा अपने क्षेत्र में ग्राम पंचायत विकास योजना की अवधारणा एवं आवश्यकता के संबंध में वातावरण निर्माण किया जाएगा।

रिसोर्स एनवलप को प्रदर्शित करने के लिये दीवार लेखन आदि तरीके अपनाये जाएंगे।

ग्राम पंचायत स्तर के समस्त संस्थाओं जैसे स्कूल समितियों तथा लोक सेवकों को अवगत कराया जाएगा।

ग्राम पंचायत की विशेष बैठक आयोजित कर ग्राम पंचायत की भूमिका तथा जिम्मेदारी पर चर्चा की

जाकर निर्णय लिया जाएगा।

ग्राम पंचायत द्वारा विकास योजना में सक्रिय योगदान के लिये “टास्क फोर्स” का गठन किया जाएगा। टास्क फोर्स में निर्वाचित प्रतिनिधि, हितग्राही, विषय विशेषज्ञ, समाज सेवी, रिटायर्ड व्यक्ति सम्मिलित होंगे, ग्राम पंचायत सचिव इस टास्क फोर्स का संयोजक सदस्य होगा। टास्क फोर्स के द्वारा स्थिति विश्लेषण, सर्वे आदि कार्यों में ग्राम पंचायत को सहायता प्रदान की जाएगी।

ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव ग्राम पंचायत संपूर्ण विकास योजना की प्रक्रिया को अभिलिखित करने के लिये उत्तरदायी होंगे।

ग्राम रोजगार सहायक द्वारा विकास योजना की समस्त प्रक्रिया को पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।

ग्राम स्तर

. ग्राम स्तर पर ग्राम सभा संपूर्ण विकास योजना की प्रक्रिया की धुरी होगी। ग्राम सभा स्थिति विश्लेषण आवश्यकताओं का आंकलन तथा प्राथमिकता निर्धारण में निर्णायक होगी। ग्राम विकास योजना को अंतिम अनुमोदन भी ग्राम सभा द्वारा प्रदान किया जाएगा।

वार्ड स्तर

वार्ड विकास योजना प्रक्रिया की सबसे सूक्ष्म इकाई होगी। वार्ड स्तर पर वार्ड के पंच की भूमिका सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण होगी। पंच के द्वारा वार्ड के सभी व्यक्तियों तथा समूहों के साथ व्यक्तिगत चर्चा के द्वारा स्थिति विश्लेषण आवश्यकताओं का आंकलन किया जायेगा।

प्राथमिकता निर्धारण में अपना मत व्यक्त किया जावेगा। संपूर्ण विकास योजना प्रक्रिया में “पंच” को “योजना प्रहरी” के रूप में चिन्हित किया जाकर सम्मिलित किया जाएगा ताकि “स्मार्ट ग्राम-स्मार्ट पंचायत” को संकल्पित ग्राम पंचायत विकास योजना में प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की जमीनी इकाई भी नियोजन एवं निर्णयन में सक्रिय भागीदारी निभा सके।

क्षमता विकास

ग्राम पंचायत विकास योजना से संबद्ध समस्त संस्थाओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों, शासकीय सेवकों तथा स्वयं सेवकों के क्षमता संवर्धन हेतु विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा ताकि समस्त संस्थाएं प्रशिक्षित होकर योजना बनाने तथा क्रियान्वयन करने में अपनी भूमिका अधिक प्रभावी तरीके से निभा सकें।

Scroll to Top