Public Health Plan : लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग

Public Health Plan : प्रदेश के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के सदस्यों को चिन्हित गंभीर बीमारियों से पीड़ित होने पर उनके जीवनकाल में केवल एक बार चिकित्सा में सहायता प्रदान करना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के कार्यालय में आवेदन करने पर रोगी एवं इलाज संबंधी प्राकलन का परीक्षण कर इलाज हेतु राशि स्वीकृत की जाती है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग

www.health.mp.gov.in, www.aushmanbharat.mp.gov.in मध्यप्रदेश राज्य बीमारी सहायता निधि

  1. आवेदक / रोगी मप्र का निवासी होकर गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार का सदस्य होना चाहिए।
  2. आवेदक उसी जिला / क्षेत्र का निवासी हो। 3. चिन्हित बीमारियों से ग्रसित होने पर

दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के सदस्यों को शासकीय चिकित्सा संस्थाओं में भर्ती होने पर एक वित्तीय वर्ष में प्रति परिवार रूपये 30 हजार तक की सहायता, स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर अस्पताल में निःशुल्क उपचार प्रदान किया जाता है।


म.प्र. गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाला हो। आवेदक उसी जिला / क्षेत्र का निवासी हो जहा आवेदन कर रहा है।

संजीवनी 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाएं 1. आपातकालीन चिकित्सकीय गंभीर बीमारियों में

  1. हृदयाघात आदि आपात स्थितियां
  2. सड़क दुर्घटना
  3. पुलिस एवं अग्नि प्रकरणों में हुई इमरजेंसी के मरीजों को 5. प्रसूता महिलाएं एवं गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं एवं बच्चों को चिकित्सकीय उपचार

हेतु संजीवनी 108 एम्बुलेंस वाहन सेवा निःशुल्क उपलब्ध। टोलफ्रीनं0-108 पर हितग्राही अथवा उसके परिजन द्वारा टेलीफोन से संपर्क करने पर वाहन आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराया जाता है। इस सेवा का लाभ लेंगे हेतु कोई निर्धारित प्रारूप नहीं है। यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क है।

आयुष्मान भारत योजना

www.ayushmanbharat.mp.gov.in

परिवार के किसी भी सदस्य को बीमारी होने पर पूरे परिवार पर एक मानसिक और आर्थिक दबाव होता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के योजनांतर्गत पात्र नागरिक को निःशुल्क उपचार, चिकित्सकीय जांच, औषधियां और चिकित्सकीय परिवहन जैसी सेवाऐं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इनसे प्रतिदिन लाखों नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। योजना का उद्देश्य गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच निर्धन वर्ग के लोगों तक सुलभ बनाने के लिये स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यह स्वास्थ्य सुरक्षा कवच कशलेस है।

मतलब इसमें मरीज के उपचार का पैसा पात्र परिवार को न दिया जाकर इलाज करने वाले अस्पताल को सीधे भुगतान कर दिया जायेगा। सबसे खास बात यह है कि इस योजना का लाभ गरीब परिवारों को तो मिलेगा लेकिन इसका पूरा पैसा सरकार चहन करेगी।

म.प्र. शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजे) के अंतर्गत प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना 2011 में चिन्हांकित लाभार्थियों के अतिरिक्त, खाद्य सुरक्षा में प्रदाय समग्र पर्ची / पात्रता एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी शामिल किया जायेगा।

भारत सरकार के प्रावधानों के अतिरिक्त प्रदेश में उपरोक्तानुसार लाभार्थी जोड़े गये हैं. जिन्हें उक्त योजना में लाभांवित किया जा सकेगा। प्रदेश में योजना को “”निरामय” नाम दिया गया है। प्रदेश में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के माध्यम से हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर की स्थापना की जा रही है।

इन्हें ग्राम एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्थापित किया जा रहा है। इन केन्द्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं के अतिरिक्त टेली मेडीसिन पद्धति से विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श भी मिल सकेगा।

इन केन्द्रों में आयुष पद्धति और योग आदि के माध्यम से स्वस्थ जीवन शैली संबंधी परामर्श भी दिया जायेगा। प्रदेश में इन्हें मध्यप्रदेश आरोग्यम का नाम दिया गया है। यह केन्द्र भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्थापित किये जा रहे हैं।

मुख्य बिन्दु 1. योजना के तहत पात्र श्रेणी के प्रत्येक परिवार को रू. 5.00 लाख प्रति वर्ष उपचार हेतु दिया जायेगा। 2. यह स्वास्थ्य सुरक्षा कवच निजी एवं शासकीय अधिमान्य अस्पतालों एवं अधिमान्य मेडिकल

कॉलेजो के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा। 3. योजना के तहत विभिन्न मेडिकल प्रोसिजर्स के लिए लगभग 1400 पैकेज निर्धारित किये गये है। जिनमें लगभग सभी महत्वपूर्ण जटिल बीमारियों का उपचार शामिल है।

  1. यह स्वास्थ्य सुरक्षा कवच कैशलेस होगा।
  2. पात्र वंचित श्रेणी के परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा कवच हेतु बीमा प्रीमियम का भुगतान

शासन द्वारा किया जायेगा।


प्रदेश के समस्त जिलों में योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु जिला क्रियान्वयन इकाइयों का गठन किया

गया है।

आयुष्मान कियोस्क योजना के पात्र नागरिकों की सुविधा के लिए आयुष्मान कियोस्क स्थापित किये गये हैं। चिन्हित चिकित्सालयों में इन विशेष कक्षों की स्थापना एवं ब्रान्डिंग की गई है। जिससे नागरिकों को सहज ही यह कियोस्क दिख सके एवं वे इनके माध्यम से योजना की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें।

योजनान्तर्गत मेडिकल कालेजों एवं अन्य अस्पतालो (शासकीय एवं निजी) की अधिमान्यता हेतु निर्धारित प्रक्रिया एवं मापदण्डों के अनुरूप पात्रता होने पर अधिमान्यता प्रदान की जा रही है।

आयुष्मान मित्र योजना के पात्र नागरिकों की सुविधा के लिए चिन्हित चिकित्सालयों में आयुष्मान मित्र नियुक्त किये जा रहे है। इनके माध्यम से नागरिकों को योजना की प्रक्रिया एवं कागजी कार्यवाही पूर्ण करने में सहायता मिलेगी। चिन्हित अस्पतालों में आयुष्मान भारत कियोस्क भी स्थापित किये गये है। अधिक जानकारी के लिये वेबसाईट देखे

मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा (प्रसूति सहायता योजना)

प्रदेश में दिनांक 1 अप्रैल 2018 से मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना का संचालन पंजीकृत श्रमिक संवर्ग के हितग्राहियों हेतु प्रारम्भ किया गया है। वर्तमान में संशोधित योजना अनुसार जिन हितग्राहियों का पंजीयन अनमोल / आरसीएच पोर्टल पर एएनएम अथवा शासकीय संस्था द्वारा दिनांक 01 जुलाई 2022 को अथवा उसके पश्चात् होता है, उन हितग्राहियों को प्रथम किश्त (राशि रु 4000/-) लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा गर्भधारण का पंजीयन गर्भावस्था के प्रथम तीन माह में कराए जाने पर प्रदान किया जाएगा।

नवजात शिशु को शीघ्र स्तनपान, 0-डोज, BCG, OPV व Hep B का टीकाकरण के पश्चात् महिला को द्वितीय किश्त (राशि रु 12000/-) प्रदान की जायेगी। स्वास्थ्था संबंधी कारणों से उक्त स्तनपान या टीकारण न होने की स्थिति में भी महिला द्वितीय किश्त के लिए पात्र होगी। द्वितीय किश्त राशि रु 12000/- का भुगतान अब आयुष्मान भारत निरामय योजना अन्तर्गत गर्भवास्था एवं प्रसव संबंधी हाई रिस्क पैकेज हेतु प्रदेश के चिन्हित जिलों के अधिकृत अशासकीय चिकित्सालयों में भी प्रसव होने की स्थिति में भी प्रदान किया जाएगा।

जननी सुरक्षा योजना

यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एक सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में संस्थागत और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ और नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करना और प्रसव पूर्व एवं प्रसव उपरांत जांच सुविधाओं का विस्तार करना है। जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव कराने वाली गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता हेतु पात्रता के बिंदु है

  1. मेडिकल कॉलेज एवं शासकीय चिकित्सालयों में प्रसव कराने वाली सभी महिलाएं। 12. जननी सहयोगी योजना अन्तर्गत अभिप्रमाणित निजी स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रसव कराने वाली

बीपीएल परिवार की महिलाएं।

  1. अभिप्रमाणित उपस्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव कराने वाली सभी महिलाएं।

इस योजना में आर्थिक सहायता के रूप में गर्भवती महिला को राशि रु 1400 / एवं आशा कार्यकर्ता को राशि रु 600/प्रदान किए जाने का प्रावधान है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी प्रसव संस्थागत हों परंतु यदि किसी महिला का प्रसव घर पर होता है तो बी पी एल परिवार की महिला को राशि रु.500/ की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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श्रम विभाग https://sambal.mp.gov.in

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना

उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत असंगठित कर्मकारों की मृत्यु होने, अपंगता की स्थिति में अनुग्रह सहायता / अंत्येष्टि सहायता / हित लाभ प्रदान करना है। मृत पंजीबद्ध श्रमिक का उत्तराधिकारी अनुग्रह राशि प्राप्त करने के लिये ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत/ग्राम पंचायत एवं नगरीय क्षेत्र के लिए नगर निगम/नगर पालिका/ शेष नगरीय निकाय एवं नगर निगम की स्थिति में उनके जोन कार्यालयों में भी आवेदन दिया जा सकेगा।

आवश्यक दस्तावेज

  1. मृतक का सन्निर्माण एवं कर्मकार मण्डल के अंतर्गत पंजीकृत कार्ड
  2. आधार कार्ड 3. मृत्यू प्रमाण पत्र
  3. उत्तराधिकारियों के वैध प्रमाण पत्र एवं स्वप्रमाणित घोषणा पत्र

सहायता राशि

  1. अन्त्येष्टि सहायता रु.5000. 2. अनुग्रह सहायता (सामान्य मृत्यु ) रू. 200000
  2. अनुग्रह सहायता (दुर्घटना मृत्यु) रु.400000,
  3. अनुग्रह सहायता (स्थाई अपंगता) रु.200000,
  4. अनुग्रह सहायता (आशिक स्थाई अपंगता) रू. 100000

सहायता राशि का भुगतान डीबीटी प्रणाली द्वारा सीधे हितग्राही के खाते में किया जाता मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना

है।

योजना में सरलीकरण तथा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाये रखने के लिये मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना तथा पोर्टल का शुभारंभ किया गया। पोर्टल की खास बात यह है की बायोमेट्रिक eKYC सत्यापन के द्वारा पहले से अपात्र श्रमिक भी आवेदन कर सकते है। इसके साथ ही संबल 2.0 योजना में राज्य के मोची, तेंदूपत्ता संग्राहको को भी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की श्रेणी में सम्मिलित किया गया है।

संबल योजना के तहत् असंगठित क्षेत्र के श्रमिक की पत्नी को बच्चे के जन्म होने पर प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपये मिलते है। इसमें श्रमिक के बच्चे को निःशुल्क शिक्षा भी दी जाती है। संबल पोर्टल

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत समस्त उपयोजनाओं का लाभ ऑनलाईन संबल पोर्टल लिंक http://sambal.mp.gov.inपर जाकर लिया जा सकता है।

सहायता

योजना

संबल

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सरत

रो परिमाण
2.0

मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0 ) योजना

जन 2.0) योजना

प्रसूति सहायता योजना 2004

प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को घोषित न्यूनतम वेतन के आधार पर 45 दिन का न्यूनतन वेतन पंजीकृत महिला श्रमिकों हेतु तथा 1 हजार रू. पोषण मत्ता 15 दिन का न्यूनतम वेतन पंजीकृत पुरुष श्रमिक हेतु पंजीकृत निर्माण श्रमिक के द्वारा प्रसूति के 60 दिन पश्चात् तक जनपद पंचायत/नगरीय निकाय/जिला श्रम अधिकारी कार्यालय को आवेदन प्रस्तुत करने पर लाभ देय होगा । पात्रता

पंजीकृत निर्माण श्रमिक अथवा पंजीकृत निर्माण श्रमिक की पत्नी ही हित लाभ की पात्र । आवश्यक दस्तावेज आवेदन के साथ वैध कम्प्यूटर जनित पंजीयन प्रमाण पत्र तथा प्रसूति / जन्म संबंधी प्रमाण पत्र

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