प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAYG)

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAYG) मध्यप्रदेश का उद्देश्य है कि प्रदेश के सभी बेघर परिवारों और कच्चे तथा जीर्ण-शीर्ण मकानों में रह रहे परिवारों को 2024 तक बुनियादी सुविधायुक्त पक्के आवास उपलब्ध कराना। पात्रता की शर्तें

सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 की आवास की पात्रता सूची में नाम दर्ज हो तथा ग्राम सभा द्वारा सत्यापित सूची की वरीयता क्रम मे नाम हो एवं हितग्राही का नाम शासन द्वारा जारी अपात्रता के 13 बिन्दु के अंतर्गत न आता हो।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAYG) (पीएमएवाईजी)

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सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011 की आवास की पात्रता सूची से स्थाई प्रतीक्षा सूची तैयार कर वरीयता क्रम निर्धारित किया जाता है तथा उसका सत्यापन कराया जाता है। वर्गवार ग्राम को प्राप्त लक्ष्य के अनुसार यदि हितग्राही का नाम वरीयता क्रम के शामिल होता है तो हितग्राही को राशि निम्नलिखित प्रक्रिया के माध्यम से जारी की जाती है।

  1. हितग्राही का पंजीयन जनपद पंचायत से आवास साफ्ट पर किया जाता है।
  2. जिला स्तर से आवास की स्वीकृति प्रदान किया जाना।
  3. जनपद पंचायत स्तर से एफटीओ की आर्डरशीट बनाई जाकर प्रथम एवं द्वितीय सिग्नेचरी के

डिजिटल लाईन के माध्यम से राशि खाते में हस्तांतरित की जाती है।

हितग्राही को 1.20 लाख (भाईएपी जिलों में 1,30 लाख) 04 किश्तों में जारी की जाती है। आवास स्वीकृति पश्चात् प्रथम किश्त की राशि रू 25 हजार, प्लिंथ स्तर के आवास निर्माण करने के पश्चात् राशि रु 40 हजार (आईएपी जिलों में रू 45 हजार), लिटल स्तिर के आवास निर्माण के पश्चात् राशि रु 40 हजार (आईएपी जिलों में रू 45 हजार) ।

आवास पूर्ण करने के पश्चात् राशि रु 15 हजार जनपद पंचायत के प्रथम सिग्नेचरी (लेखाधिकारी) एवं द्वितीय सिग्नेरचरी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत) द्वारा FTO के माध्यम से सीधे हितग्राही के खाते में जारी की जाती है। इसके अलावा मनरेगा के जॉबकार्ड धारी को 90 दिवस के बराबर मजदूरी का भुगतान मनरेगा से किया जाता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत नवीन पात्र हितग्राहियों के नाम जोड़ना ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 के अनुसार तैयार स्थाई प्रतीक्षा सूची के आधार पर परिवारों को लाभ दिया गया लेकिन बहुत सारे ऐसे परिवार से जो शासन द्वारा निर्धारित 13 बिंदु के आधार पर योजना हेतु पात्र थे।

लेकिन उनका नाम सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर तैयार स्थाई प्रतीक्षा सूची में नहीं था ऐसे सभी परिवारों को लाभ देने हेतु वर्ष 2018 में आवास प्लस ऐप के माध्यम से सर्वे कराया गया वर्ष 2022 में सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 की स्थाई प्रतीक्षा सूची के सभी हितग्राहियों को लाभ देने उपरांत।

आवास प्लस के द्वारा किए गए सर्वे के परिवारों का शासन के निर्देशानुसार विकासखंड स्तरीय दल के द्वारा शासन के 13 बिंदु के आधार पर भौतिक सत्यापन किया गया सत्यापन दल में एडीईओ / पीसीओ उपयंत्री एक पटवारी सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक शामिल थे।

भौतिक सत्यापन उपरांत पोर्टल पर इनके पात्रता / अपात्रता संबंधी प्रविष्टि तथा अन्य जाति वर्ग से अल्पसंख्यक को करने की कार्यवाही की गई तदोपरांत SC, ST, OBC एवं Minority जाति वर्ग वार प्राथमिकता सूची जनरेट की गई सूची को डाउनलोड कर ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराकर ग्राम पंचायत में वाचन किया गया।

स्थाई प्रतीक्षा सूची (@wi) का ग्राम सभा द्वारा अनुमोदन किया गया एवं जनपद पंचायत में उपराभा अनुमोदन पोर्टल पर अपलोड किया गया। जनपद पंचायत द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुये आवास पोर्टल पोर्टल पर अपलोड की गई स्थाई प्रतीक्षा सूची को जिला स्तर पर उपलब्ध ऑप्शन के माध्यम से सत्यापित किया जाता है।

सत्यापन पश्चात् पात्र हितग्राही के जियोटैग किये गये दो फोटो (वर्तमान आवास एवं प्रस्तावित आवास) जनपद स्तर से सत्यापित किये। जाते है। इस प्रक्रिया के बाद हितग्राहियों की सूची आवास पंजीयन हेतु पोर्टल पर प्रदर्शित होने लगेगी।

वर्तमान में वर्ष 2021-22 अंतर्गत लक्ष्य प्राप्त हुआ है लक्ष्यानुसार प्राथमिकता क्रम के आधार पर दिया जा रहा है। वर्ष 2018 में आवास प्लस सबै में भी सभी पात्र परिवारों का सर्वे नहीं हो पाया था।

ऐसे सभी परिवारों को चिन्हित कर ग्राम पंचायत में पनी संधारित कर प्रविष्टियों की जा रही है। ताकि नाम जोड़ने हेतु आवास प्लस ऐप ओपन होने पर पंजी के आधार पर सर्वे कर नाम जोड़ने की कार्यवाही। की जा सके।

पीएमएवाईजी में ई-शासन

पीएमएवाईजी कार्यक्रम का कार्यन्वयन और निगरानी निरंतर ई-शासन मॉडल के माध्यम से की जाएगी। इस योजना में ई-शासन आधारित सेवा प्रदायगी की 2 प्रणालियां इस प्रकार होंगी।

क. पीएमएवाईजी एमआईएस आवास सॉफ्ट, और ख. पीएमएवाईजी मोबाईल अनुप्रयोग आवास ऐप

आवास सॉफ्ट

आवास सॉफ्ट पीएमएवाईजी में ई-शासन को सुलभ बनाने वाला बेब आधारित इलेक्ट्रानिक सेवा प्रदायगी प्लेटफार्म है। यह प्रणाली एनआईसी के सहयोग से ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण आवास विभाग में ही तैयार की गई है।

पीएमएवाईजी के सभी महत्वपूर्ण कार्यों जैसे एसईसीसी से लाभार्थियों का निर्धारण, निधियों की रिलीज, लाभार्थी को स्वीकृति आदेश जारी किये जाने, आवास निर्माण की प्रगति की निगरानी और लाभार्थी को सहायता राशि रिलीज जैसे सभी प्रमुख कार्य आवास सॉफ्ट के माध्यम से किए जाते हैं।

मोबाइल सलेक्शन

आवास सामग्री ऐप “आवास सामग्री” राज्य के नागरिकों को आस-पास के क्षेत्रों में निर्माण सामग्री से संबंधित उत्पादों और सेवाओं के विक्रेता का पता लगाने में मदद करने के लिए एक वेब ऐप है ताकि नागरिक / लाभार्थी विक्रेता एवं सेवा प्रदाता से संपर्क कर सकें।

निर्माण सामग्री से संबंधित विक्रेता और सेवा प्रदाता को आवश्यकतानुसार ऑर्डर दें सके आवास सामग्री वेब ऐप का उपयोग करके नागरिक / लाभार्थी आवश्यक निर्माण सामग्री खोजने, ऑर्डर करने और प्राप्त करने में सक्षम होंगे। इस वेब ऐप पर विक्रेताओं को सभी प्रकार की निर्माण सामग्री और सेवाएं देखेंगी जो कि नागरिक / लाभार्थी को घर बनवाने के कार्य में उपयोग की जाती हैं।

॥ गृहप्रवेशम् ॥

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