प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) एवं ग्रामीण आवास मिशन

पीएमएवाय भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसका उद्देश्य गृहविहीन परिवारों तथा भूमिहीन परिवार का जो कच्चे या जर्जर मकानों में रहकर जीवनयापन कर रहे हैं उन्हें आवश्यक रूप से पक्का घर अथवा भूमिहीन परिवारों को घर का स्थान प्रदान करता है।

यह योजना बीपीएल परिवारों के सशक्तिकरण करने के लिए बनायी गयी है जिनका चयन ग्राम पंचायत समुदाय में ग्रामसभा के माध्यम से समय-समय पर सुझाये गये मानदंडों के आधार पर किया जाता है। चिन्हित परिवारों को घर बनाने या घर बनाने के स्थान हेतु वित्तीय तथा तकनीकी सहायता दी जाती है।

मुख्य विशेषताएँ

पीएमएवाय के अंतर्गत वर्ष 2016 से एक गृहविहीन परिवार को 1,20,000/- रुपये प्रदान किये जाते हैं एवं मकान का आकार 20 वर्गमीटर से बढ़ाकर 25 वर्गमीटर किया गया है।

 हितग्राही चयन प्रक्रिया में प्राथमिकीकरण

हितग्राही चयन में मैला ढोने वाले परिवारों व बंधुआ मजदूरी से छुड़ाये गये परिवारों बीपीएल न होने पर भी हितग्राही चयन में महिला जो विषम परिस्थिति में जीवन यापन कर रही है। जिस घर में अकेली लड़की हो, मानसिक विकलांग, शारीरिक विकलांग, किन्नर तथा सैनिक पॉलिसी, अर्द्धसैनिक जिसकी ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो गयी हो, की विधवा या जिस परिवार में कोई व्यक्ति कुष्ठ रोग, कैंसर या एच.आई.वी. से पीड़ित हैं उनको सूची में वरीयता प्रदान की जायेगी।

निर्माण

निर्माण कार्य लाभार्थी को स्वयं करना है। पीएमएवाय की निर्माण निर्देशिका इसका अन्य योजनाओं जैसे मनरेगा / स्वच्छ भारत मिशन / राष्ट्रीय सुरक्षा बीमा योजना केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के साथ समन्वय करके निर्माण की अनुमति प्रदान करती है जिससे कि पीएमएवाय के लाभार्थी इन योजनाओं का लाभ ले सकें।

स्वच्छ भारत मिशन के वित्त/ पैसे प्रत्येक पीएमएवाय के अन्तर्गत स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास में स्वच्छ भारत मिशन के फंड से शौचालय बनवाना अनिवार्य है। किसी भी स्थिति में ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता। यद्यपि केवल अत्यन्त वृद्ध लाभार्थी अथवा विकलांग पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों के लिए यह शर्त लागू नहीं होती है।

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