Patent New Plant Varieties

भारत में नई पौध किस्मों के संरक्षण का अधिनियम Act of Protection of New Plant Varieties in India

भारत में नई पौध किस्मों के संरक्षण के लिए पौध किस्म संरक्षण एवं कृषक अधिकार अधिनियम 2001 है। इसके नियम 2003 में अधिसूचित किए गए थे। एक अधिनियम अभी लागू नहीं हो पाया है क्योंकि विस्तृत व पूर्ण नियम अभी बनाकर अधिसूचित किया जाना है।

ट्रिप्स समझौते के तहत सदस्य देश द्वारा एक नई पौध किस्म को पेटेंट या प्रभावी विशिष्ट वर्ग व्यवस्था (सूई जेनेरिस सिस्टम) या दोनों द्वारा संरक्षण देना अनिवार्य है। भारत को इसीलिए इसकी कई व्यवस्था करना अनिवार्य था। भारत ने सूई जेनेरिस सिस्टम अपनाया और नवीन पौध किस्म संरक्षण व कृषक अधिकार अधिनियम बनाया।

हालांकि कई देशों में ऐसे पौधों को उत्पादकों के अधिकारों, पेटेंट और यू.पी.ओ.वी. कन्वेशन के जरिए संरक्षण दिया जाता है। पौध किस्म एवं कृषक अधिकार अधिकरण स्थापित कर दिया गया है और यह अधिनियम के प्रशासन के लिए उत्तरदायी है।

पौध किस्म के संरक्षण की अवधि वृक्षों के मामले में रजिस्ट्रेशन की दिनांक से 18 वर्ष

. विस्तारित किस्मों के मामले में बीज अधिनियम, 1966 की धारा 5 के तहत केन्द्र सरकार द्वारा उस किस्म की अधिसूचना की दिनांक से 15 वर्ष

अन्य मामलों में रजिस्ट्रेशन के दिनांक से 15 वर्ष

शुरू में रजिस्ट्रेशन का प्रमाण-पत्र वृक्षों के मामले में नौ वर्ष और अन्य फसलों के मामले में छह वर्ष होता है। इसके बाद प्रतिवर्ष एक निश्चित् शुल्क देकर शेष अवधि तक इसका नवीनीकरण कराया जा सकता है।

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