मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम MDM

विद्यार्थियों की दर्जसंख्या एवं उपस्थिति में वृद्धि कुपोषण निवारण, स्वरोजगार के अवसर, ड्रॉप आउट छात्रों का पुनः प्रवेश के उददेश्य से 15 अगस्त सन 1995 से मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम योजना प्रारंभ की गई।

पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना (मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम)

https://pmposhan.mp.gov.in

मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का क्रियान्वयन प्रदेश की समस्त शासकीय प्राथ, माध्य, शालाओं, शासन से अनुदान प्राप्त, राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना अंतर्गत संचालित शालाओं, विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों एवं ऐसे मदरसे जिन्हें सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत शासकीय सहायता दी जा रही है, में अध्यनरत समस्त छात्र छात्राओं हेतु किया जाता है।

वर्तमान में इस योजना का नाम पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना कर दिया गया है। इसके तहत प्री स्कूल से लेकर आठवी कक्षा तक के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।

इस योजना के अंतर्गत खाद्यान्न (गेहूं चावल ) की मात्रा प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए 100 धाम प्रति बच्चा प्रति स्कूल दिवस एवं माध्यमिक शाला के बच्चों के लिए 150 ग्राम प्रति बच्चा प्रति स्कूल दिवस की दर से निर्धारित की गई है। प्रथमिक शाला में प्रत्येक बच्चे के भोजन में 450 कैलोरी व 12 ग्राम प्रोटीन तथा माध्यमिक शाला में प्रत्येक बच्चे के भोजन में 700 कैलोरी व 20 ग्राम प्रोटीन प्रति दिवस आवश्यक है।

मां की बगिया

मध्य प्रदेश में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में मध्यान्ह भोजन हेतु किचन गार्डन विकसित किए जा रहे हैं। जिस मां की बगिया (पोषण वाटिका) नाम दिया गया है। मनरेगा योजना के कन्वर्जेस से हर स्कूल में किचन शेड एवं पोषण वाटिका (मां की बगिया) बनवाए जा रहे हैं।

स्कूलों में पोषण वाटिका बनाने का उद्देश्य है बच्चों को ताजी और अच्छी हरी सब्जियां मध्यान्ह भोजन के लिए मिल सके स्कूलों में बनाई गई पोषण वाटिका का नाम ‘मां की बगिया इसलिए रखा गया है कि मां नाम से अपनापन लगता है और इसे लोग जल्दी समझ पाते है।

विधिया और निर्माण विकास विभाग द्वारा प्रदेश में प्रत्येक स्कूल को पोषण वाटिकाएं तैयार करने के लिए राशि उपलब्ध कराई जा रही है। इससे शाला में मध्याह भोजन बनाने वाले स्व सहायता समूह द्वारा शिक्षकी के मार्गदर्शन में माँ की बगिया तैयार की जा रही है।

इसमें सब्जियां उगाने के लिए गोवर एवं जैविक बाद का ही उपयोग किया जा रहा है। इस कार्य में बागवानी हेतु बच्चों को भी प्रेरित किया जा रहा है।

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