म.प्र सरकार की अनगिनत शिक्षा विभाग की योजना का अभी लाभ उठाये | Higher Education

उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education)

गाँव की बेटी

ग्रामीण परिवार की बालिका कक्षा 12 में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंकों के साथ उत्तीर्ण होने पर मध्यप्रदेश शासन की योजना हेतु पात्र होगी। बालिका ने गांव के स्कूल से 12 वीं की परीक्षा में 60 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक प्राप्त किये हों एवं छात्रा ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती हो (गाँव की बेटी प्रमाण पत्र हो) छात्रायें पोर्टल (http://scholarshipportal.mp.nic.in पर अपना पंजीयन करें, इसके पश्चात पोर्टल पर पंजीयन आईडी से लॉगिन करके योजना के लाभ के लिए आवेदन कर सकती है।

मुख्यमंत्री जन कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन योजना

म.प्र. में पंजीकृत असंगठित कर्मकारो की संतानों को उच्च शिक्षा प्रदान करने हेतु योजना प्रारंभ की गई है जिसके लिये आवश्यक दस्तावेज-आधारकार्ड / अर्हता परीक्षा की अंकसूची / संबल कार्ड मुख्यमंत्री जन कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना के पोर्टल (MMJKY PORTAL)

लिंक(http://scholarshipportal.mp.nic.in)पर अपलोड करनी होगी। 1

  1. मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग में विद्यार्थी के माता पिता का असंगठित कर्मकार के रूप में पंजीयन हो।
  1. इंजीनियरिंग क्षेत्र कोई भी विद्यार्थी जिसने जेईई (JEE) मेन्स परीक्षा में 1 लाख 50 हजार तक रैंक प्राप्त किया हो। अगर किसी भी शासकीय अथवा अशासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में


उपरोक्त आधार पर प्रवेश प्राप्त करता है तो निम्नानुसार सहायता उपलब्ध कराई जायेगी:- शासकीय कॉलेज को देय शुल्क शासन द्वारा वहन किया जायेगा। प्रायवेट इंजीनियरिंग कॉलेज को देय शुल्क रुपये 1.5 लाख तक या वास्तविक रूप से देगः शुल्क जो कम हो राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा।

  1. मेडिकल की पढाई – जिन विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (NEET) के आधार पर केन्द्र या राज्य शासन के मेडिकल कॉलेज / डेन्टल कॉलेज के एम.बी.बी.एस. / बी. डी. एस. पाठ्यक्रम एवं मध्यप्रदेश में स्थित प्रायवेट मेडिकल कॉलेज के एम.बी.बी.एस पाठयक्रम में प्रवेश प्राप्त किया हो. उन विद्यार्थी को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जावेगा। भारत शासन के ऐसे संस्थान, जो स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर प्रवेश देते हैं, को भी योजना में सम्मिलित / मान्य किया गया है।
  2. विधि की पढ़ाई CLAT (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट) अथवा स्वयं के द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLU) एवं दिल्ली विश्वविद्यालय में बारहवीं कक्षा के बाद एडमीशन वाले कोर्स के विद्यार्थियों को देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जावेगा । 5. भारत सरकार के समस्त विश्वविद्यालयों/ संस्थानों में संचालित ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं इंटीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम एवं डयूलडिग्री कोर्स (जिसमे मास्टर डिग्री के साथ बैचलर डिग्री भी सम्मिलित है) के विद्यार्थियों को देय शुल्कराजा शासन द्वारा वहन किया जायेगा ।
  3. राज्य व शासन के समस्त शासकीय एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों/ विश्वविद्यालयों में संचालित समस्त स्नातक तथा राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्नातकोत्तर पाठयक्रमों, पोलीटेकनिक महाविद्यालयों में संचालित समस्त डिप्लोमा पाठ्यक्रम एवं आईटीआई (ग्लोबल स्किल पार्क को सम्मिलित मानते हुये) को योजना के अन्तर्गत शामिल किया जायेगा। 7. शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अथवा उसके अधीन संचालित पैरामेडिकल साइंस के

डिप्लोमा / डिग्री एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को देय शुल्क जो

शासन द्वारा वहन किया जायेगा।

Scroll to Top