अब आपके गाँव से घर तक पहुंचेगी सड़क

सामान्य क्षेत्र में 500 तथा आदिवासी क्षेत्र में 250 से कम आबादी के समस्त राजस्व ग्रामों को सिंगल कनेक्टिविटी द्वारा पुल-पुलियों सहित मारह मासी सड़क सम्पर्क (ग्रेवल सड़क) उपलब्ध कराना। कोर नेटवर्क के अंतर्गत बिना जुड़ी बसाहटों को आबादी के घटते क्रम अनुसार चयन करना। कार्यपालन

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना

यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा नोडल एजेंसी होंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-1 (वर्ष 2000 से प्रारंभ)

www.pmgsy.nic.in, www.mprrda.com

भारत सरकार द्वारा अनुमोदित मास्टर प्लान (कोर नेटवर्क) के आधार पर आबादी (वर्ष 2001 जनगणना के आधार पर) के घटते क्रम पात्रता अनुसार बसाहटों हेतु मार्गों की स्वीकृति प्रदान की जाती है। वर्तमान में इस प्रकार के लक्षित ग्रामों हेतु मार्गों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

योजना अंतर्गत मार्गों के निर्माण पूर्व प्रचलित रास्तो एवं शासकीय भूमि पर ही किये जाते है यदि बीच में निजी भूमि आती है तो कृषक की सहमति / दान पत्र के पश्चात ही कार्य कराये जाते है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-II

योजना अंतर्गत तैयार की गई (Comprehensive Upgradation Cum Consolidation Priority List) के आधार पर घटते क्रम में योजनानतर्गत प्रदेश में कुल 5015 कि.मी. की सीमा में ‘विकास खण्डवार स्वीकृति भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017-18 के दौरान प्रदान की गई है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना – III में मार्गो को चयनित करने के पूर्व जनगणना 2011 की आबादी एवं

ग्रामों में उपलब्ध सुविधाओं के विवरण के आधार पर जिला ग्रामीण सड़क प्लान (DRRP) तैयार कर

GIS पर अपलोड किया गया तथा ग्रामों में ग्रामीण कृषि बाजार सुविधायें, शिक्षा सुविधायें एवं यातायात अवसंरचना के आधार पर सिस्टम जनरेटेड प्राथमिकता सूची CUCPL से वरीयता के आधार पर केन्द्र सरकार द्वारा प्रावधानित लंबाई के अनुरूप मार्गों के उन्नयन का प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार की और स्वीकृति हेतु चरणबद्ध प्रेषित किये गये है।

उपरोक्त प्रस्तावों को संबंधित जनपद पंचायत / जिला पंचायत से अनुमोदन तथा माननीय संसद

सदस्यों को अवगत कराते हुये सुझाव प्राप्त करने की प्रक्रिया का पालन दिशा निर्देश के अनुसार किया

गया है। अभ्युदय नवाचार

ग्राम पंचायतों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग व अन्य विभागों की योजनाओं के अभिसरण से आदर्श बसाहट विकसित करने के उद्देश्य अभ्युदय नवाचार प्रारंभ किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न विभागों की विकासात्मक गतिविधियों के अंतर्गत सामुदायिक / व्यक्तिगत अधोसंरचना का निर्माण।

सामाजिक सुरक्षा एवं हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाना, आजीविका सुदृढीकरण की आदि सभी कार्यक्रमों में अभिसरण से ग्रामों में समग्र विकास करते हुए आदर्श बसाहट विकसित जावेगी। अभ्युदय नवाचार हेतु चयनित किए जाने वाले ग्रामों के आधार बिंदु।

इस प्रकार से होंगे ऐसे जहां आदर्श ग्रान योजना अंतर्गत चयनित गांव, रूरबन मिशन के अंतर्गत चयनित क्लस्टर के ग्राम. अनुसूचित जाति/जनजाति बाहुल्य ग्राम, तुलनात्मक रूप से सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक रूप से पिछड़े दूरख व आंतरिक क्षेत्र के ग्राम धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्राम।

मध्यप्रदेश में वर्तमान में सभी जिलों में ग्रामों का चयन एवं डीपीआर निर्माण की कार्यवाही प्रगति पर है। कार्ययोजना निर्माण में सहयोगी अभिलेख है ग्राम पंचायत विकास योजना, मनरेगा शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट, 15 वां वित्त की कार्ययोजना एवं समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के माध्यम से समाज कल्याण की हितग्राही मूलक योजनाएं।

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