Gram Panchayat Abhilekh

ग्राम पंचायत के अभिलेख

प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों का पारदर्शी और बेहतर ढंग से निर्वाह करने के लिए दस्तावेजों और अभिलेखों को तैयार करना पड़ता है। इन दस्तावेजों से पंचायतों को नियोजन, अपने काम की भौतिक तथा वित्तीय समीक्षा करने और तत्कालीन परिस्थितियों के संदर्भ में उचित फैसले लेने में आसानी होती है।

मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 और इस अधिनियम से जुड़े नियमों के आधार पर स्पष्ट होता है कि हर ग्राम पंचायत को 37 तरह के अभिलेखों को रखना चाहिए।

ग्राम पंचायत में रखे जाने वाले अभिलेख

ग्राम पंचायत में रखे जाने वाले सभी 37 अभिलेखों को पांच श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है।

लेखा व्यवस्था से जुड़े अभिलेख

पंचायत के कामों का हिसाब-किताब, लेन-देन आदि का दस्तावेज पंचायत में रखना आवश्यक इसलिए है कि पंचायत द्वारा किये गए सभी कार्यकलापों में हुए खचों का स्पष्ट विवरण पंचायत के पास उपलब्ध हों जिससे वह अपनी वित्तीय व्यवस्था की जानकारी रख सकें तथा आवश्यकतानुसार योजना आदि बना सकें।

इन अभिलेखों के आधार पर हम अपनी मासिक प्रगति का आंकलन कर सकते हैं तथा किसी भी ग्राम सभा सदस्य या पंचायत सदस्य या विहित अधिकारी द्वारा मांगे जाने पर उन्हें प्रस्तुत किया जा सकता है। लेखा व्यवस्था से जुड़े अभिलेखों के आधार पर ही पंचायतों की संपरीक्षा की जाती है अतः उनका व्यवस्थित एवं नियमित रूप बनाया और रखा जाना आवश्यक है।


अभिलेख का

  1. रोकड़ (कैश बुक)

2.रसीद कट्टा

विवरण (यह अभिलेख क्यों)

रोकड़ बही में ग्राम पंचायत की विभिन्न स्रोतों से होने वाली संपूर्ण आमदनी तथा विभिन्न मदों पर किये जाने वाले समस्त व्यय को अंकित किया जायेगा। प्रतिदिन के आय-व्यय का हिसाब अंकित होगा। किसी विशेष दिन आय-व्यय नहीं हुआ तो तिथि लिखकर निरंक बताते हुए ग्राम पंचायत सरपंच के हस्ताक्षर होगे।

ग्राम पंचायत को जितनी भी वित्तीय प्रप्तियां होगी उसके लिए रसीद प्रदान की जायेगी तथा इसका प्रतिपर्ण काउंटर फाईल पर रसीद प्राप्त करने वाले के हस्ताक्षर लिये जायेगे।

पंचायत द्वारा जितनी रसीद पुस्तकें क्रय की गई उनका खर्च एवं बचत का हिसाब रखा जायेगा ।

ग्राम पंचायत द्वारा किये गये समस्त व्ययों का बिल तैयार किया जायेगा तथा बिल पंजी में अंकित किया जायेगा। पंचायत के कर्मचारियों का वेतन इस पत्रक पर तैयार किया

3.

रसीद पुस्तक का मूल (स्टॉक) लेखा

बिल पंजी

4.

5

वेतन बिल

6.

| जायेगा यात्रा भत्ता बिल पंचायत के कर्मचारियों को दिये जाने वाले यात्रा भत्ता का

7.

आकस्मिक व्यय बिल

ब्यौरा अंकित किया जायेगा। विशेष परिस्थिति में किया गया खर्च जैसे स्टेशनरी आदि पर किया गया व्यय इस प्रपत्र पर बनाया जायेगा

8

9.

प्राप्ति संक्षेप पंजी ग्राम पंचायत को विभिन्न संस्थाओं से जो भी आय प्राप्त होगी

व्यय पंजी

| उसका मदवार ब्यौरा इस पंजी में अंकित किया जायेगा। पंचायत द्वारा जो भी खर्च किया जायेगा उसका मदवार ब्यौरा इस पंजी में अंकित किया जायेगा।

10.

वसूली योग्य अग्रिम की पंजी

किसी कर्मचारी या सदस्य को दिये गये अग्रिम से वसूल की गई राशि का हिसाब रखा जायेगा।

11.

पेशगी वही

रिकार्ड इसमें अग्रिम दी गई राशि का विवरण रखा जायेगा।

12.

विशिष्ट प्रयोजन निर्माण कार्यों से संबंधित राशि का हिसाब इस पंजी में रखा जायेगा।

35
अनुदानका लेखा

  1. कर्मचारियों से ली गई प्रतिभूतियों की पंजी
  2. डाक टिकिट खर्च पंजी

पंचायत कर्मचारियों से बतौर जमानत जो राशि जमा कराई गई है उसका हिसाब इसमें रखा जायेगा।

जो भी पत्र ग्राम पंचायत के द्वारा भेजे जाते है उन पर | टिकिट का जो व्यय होगा उसका उल्लेख इस पंजी में किया। जावेगा। प्रतिदिन अवशेष निकाल कर सरपंच से हस्ताक्षर करवाए जायेंगे।

कार्य / व्यवस्था से जुड़े अभिलेख

यक

पंचायत में व्यवस्था से जुड़े अभिलेखों का रखा जाना निम्नलिखित कारणों से आवश्यक

• रोजमर्रा के कामकाजों का विवरण उपलब्ध हो सके। • प्रशासनिक, आर्थिक अथवा अन्य मुद्दों से जुड़े न्यायिक जाँच के समय उनका

इस्तेमाल किया जा सकें।

• पंचायत को यह जिम्मेदारी दी गयी है कि वह ग्राम पंचायत क्षेत्र में कर लगाए. अतिक्रमण हटाए और साफ-सफाई तथा स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंधात्मक नियमों को लागू करें। इन नियमों और प्रावधानों के उल्लंघन पर पंचायत को आर्थिक जुर्माना लगाने और वसूलने की जिम्मेदारी भी है।

इन कामों को सुचारू रूप से करने के लिए भी ग्राम पंचायत को अभिलेखों को सुरक्षित रखना जरूरी है। पंचायत को भी विभिन्न कारणों से मुकदमों का सामना करना पड़ सकता है अतः पंचायत को अपने खिलाफ चल रहे वाद या खुद पंचायत द्वारा चलाए जाने वाले वादों को एक पंजी में रखना जरूरी है।

क्र.

अभिलेख का नाम

विवरण (यह अभिलेख क्यों)

1

वाद पंजी

पंचायत पर या पंचायत द्वारा किसी पर चलाये गये मुकदमों का ब्यौरा इस पंजी में रखा जायेगा।

2.

अर्थ दंड पंजी

किसी पंच या कर्मचारी या ग्राम नागरिकों पर पंचायत द्वारा लगाये गये जुर्माने का हिसाब इसमें रखा जायेगा।

3.

कांजी हाउस से संबंधित पंजियों का विवरण

यदि ग्राम पंचायत की सीमा में कांजी हाउस है तो इस हेतु निम्नलिखित पंजियों का ग्राम पंचायत कार्यालय में रखा जाना आवश्यक है

  1. पशु प्रवेश पंजी
  2. पशु रिहाई पंजी
  3. पशु नीलामी पंजी
  4. इश्तहार पंजी

महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज संस्थान अधारताल, जबलपुर (ग)

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उपरोक्त पंजियों के अतिरिक्त पर आवश्यकतानुसार विहित अधिकारी के द्वारा निर्देश दिये जाने पर अन्य पंजियों को बनाकर ग्राम पंचायत के कार्यालय में रखा जाना होगा। इन समस्त अभिलेखों को आवश्यकता पड़ने पर या विहित अधिकारी के द्वारा निर्देश दिये जाने पर अवलोकन के लिए प्रस्तुत किया जाना होगा।

ऊपर बनाए गये अभिलेख / पंजियां मार्गदर्शन हेतु है इसके अलावा लेखा मेन्युअल के अंतर्गत रखे जाने वाले अभिलेखों / रजिस्टर्स आदि विधिवत् संधारित किये जाने अनिवार्य होंगे।

संपत्ति से जुड़े अभिलेख

पंचायत में चल अचल संपत्ति की स्पष्ट जानकारी निम्नलिखित अभिलेखों में रखी

जानी चाहिए –

क्र.

1

अभिलेख का नाम

विवरण (यह अभिलेख क्यों)

अचल संपत्ति की पंजी

पंचायत के स्वामित्व के भवन, स्थाई सम्पत्ति, जमीन, तालाब आदि | का ब्यौरा रखा जायेगा। यथा संभव उसका मूल्य भी दर्शाया जावे।

2

माल या चल इस पंजी में नगद राशि प्राप्त होगी तो हिसाब रखा जायेगा।

संपत्ति की पंजी

3.

भण्डार पंजी

पंचायत द्वारा समय-समय पर स्थाई एवं अस्थाई सामग्रियों का क्रय किया जाता है अथवा किसी संस्था के द्वारा प्रदाय किया जाता है तो समस्त सामग्री का उल्लेख इस भण्डार पंजी में किया जायेगा।

4.

प्रतिभूति पंजी

ग्राम पंचायत स्तर पर प्रतिभूतियों की जानकारी इस पंजी में रखी | जावेगी ताकि आवश्यकता पडने पर इसका अवलोकन कर जानकारी से अवगत हुआ जा सके। ग्राम पंचायत को जो भी राशि चैक के माध्यम से प्राप्त होती है उसको बैंक खाते में जमा करने का विवरण इस पंजी में रखा जायेगा।

5.

37

चेक जमा पंजी

प्रशासनिक काम से जुड़े अभिलेख

महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज संस्थान, अधारताल, जबलपुर (2)
5.

प्रशासनिक काम से तथा रोजमर्रा के काम से जुड़ी स्पष्ट जानकारी जैसे ग्राम सभा की बैठक प्रतिवेदन, शासकीय आदेश आदि को निम्नलिखित अभिलेखों में रखा जाना चाहिए

अभिलेख का नाम

विवरण (यह अभिलेख क्य)

| पंचायत के कर्मचारियों को प्रति वर्ष दी जाने वाली वेतन वृद्धियों का

ब्यौरा अंकित किया जायेगा।

चेतन वृद्धि प्रमाण पत्र

2

एजेण्डा पंजी

ग्राम पंचायत की बैठक में रखे जाने वाले प्रस्ताव की कार्यसूची का विवरण पंजी में लिखा जायेगा।

3

प्रस्ताव पुस्तिका

ग्राम पंचायत के द्वारा आयोजित की गई बैठकों में प्रस्ताव पारित किया जाने उनका विवरण मदवार इस पंजी में लिखा जाकर

4.

निरीक्षण पंजी

अभिलेख में रखा जायेगा। ग्राम पंचायत में किसी भी सक्षम अधिकारी द्वारा जिसको निरीक्षण के लिए अधिकृत किया गया हो को इस निरीक्षण पंजी में अपनी निरीक्षण टीप अंकित करनी होगी। ग्राम पंचायत के स्तर पर जो भी पत्र प्राप्त होंगे उनका उल्लेख इस

पंजी में किया जायेगा। पत्र का क्रमांक भेजे जाने की तिथि, भेजने

वाले का नाम तथा पत्र के विषय का उल्लेख किया जाना आवश्यक

होगा। पत्र प्राप्ति का दिनांक व आवक पंजी क्रमांक भी दिया जाना

चाहिए।

5

आवक पंजी

6.

जावक पंजी ग्राम पंचायत स्तर से जो भी पत्र किसी को भेजे जाते हैं उनका

जावक क्रमांक दिनांक विषय तथा पाने वाले का नाम पद और पता

का उल्लेख किया जावेगा।

7.

मांग वसूली पंजी

8.

बैठकों की उपस्थिति पंजी

ग्राम पंचायत के द्वारा जो भी कर निर्धारित किए जाते हैं उनकी वसूली तथा बकाया की स्थिति को इस पंजी में दर्शाया जायेगा। इस पंजी में ग्राम पंचायत की बैठक में उपस्थित सदस्यों की जानकारी रखी जावेगी। बैठक का दिनांक समय एवं बैठक में उपस्थिति सभी सदस्यों के नाम इस पंजी में लिखे जावेंगे तथा। उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर भी कराये जायेंगे।

गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज संस्थान, अधारताल, जबलपुर (म.प्र.)

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नागरिकों से जुड़े अभिलेख

पंचायत के नागरिकों के अधिकार तथा उनके प्रति पंचायत प्रतिनिधियों के कर्तव्यों की स्पष्ट जानकारी निम्नलिखित अभिलेखों में रखी जानी चाहिए

अभिलेख का नाम

विवरण (यह अभिलेख क्यों)

1 पेंशन पंजी

ग्राम पंचायत क्षेत्र में असहाय व्यक्तियों को पेंशन दिये जाने का हिसाब रखा जायेगा।

2.

जन्म मृत्यु पंजी

ग्राम पंचायत क्षेत्र में जन्म तथा मृत्यु से संबंधित निवास करने वाले परिवारों के सदस्यों की जानकारी का विवरण इस पंजी में रखा जायेगा।

  1. विवाह पंजी

ग्राम पंचायत क्षेत्र में जो भी विवाह होंगे उनकी जानकारी तथा परिवार का ब्यौरा इस पंजी में लिखा जायेगा।

प्रमाण-पत्र पंजी

ग्राम पंचायत के द्वारा वे सभी प्रमाण-पत्र जो दिये जाते हैं के संबंध में विस्तृत ब्यौरा इस पंजी में रखा जावेगा। प्रमाण-पत्र प्राप्त करने | वाले का नाम, विषय, पत्र जारी करने का दिनांक तथा प्रमाण-पत्र जारी करने के कारणों का उल्लेख इस पंजी में होगा।

आवास पंजी

ग्राम पंचायत क्षेत्र में आने वाले भवनों के प्रकार, संख्या, निवास करने वाले परिवार के सदस्यों की संख्या तथा मकान के मालिक के संबंध में आवश्यक जानकारी इस पंजी में लिखी जावेगी।

16

पलायन करने वालों की पंजी

इस पंजी में ग्राम पंचायत के क्षेत्र में निवास करने वाले ऐसे परिवारों की जानकारी रखी जावेगी जो किसी भी कारण से स्थायी अथवा अस्थायी रूप से पंचायत क्षेत्र को छोड़कर अन्य किसी स्थान पर चले गये हैं।

7.

वोटर लिस्ट

ग्राम पंचायत क्षेत्र के समस्त मतदाताओं की सूची कार्यालय के अभिलेख के लिए रखी जावेगी ओर आवश्यकता पड़ने पर इस जानकारी का उपयोग किया जायेगा।

अगर हम पंचायत के अभिलेखों की सूची का ध्यान से विश्लेषण करें तो पंचायत के काम और जिम्मेदारियों की व्यापकता का अहसास होता है और यह भी स्पष्ट होता है कि पंचायत की व्यवस्था और जिम्मेदारियों को अकेले सचिव या सचिव- सरपंच नहीं निभा सकते इसमें सभी पंचों और गांव के प्रबुद्ध लोगों की भागीदारी जरूरी है।

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