ग्राम पंचायत विकास योजना GPDP प्रपत्रों को भरे जाने के संबंध में सामान्य निर्देश

किसी भी क्षेत्र के विकास के लिये दो घटक महत्वपूर्ण है एक संसाधनों की उपलब्धता और दूसरा क्षेत्र की प्राथमिकताएँ । एक व्यवस्थित तरीके से संसाधनों और प्राथमिकताओं के मध्य व्यवहारिक सामंजस्य कर तैयार किये गये अभिलेख को उस क्षेत्र विशेष के लिये विकास योजना के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।

प्रदेश की स्तिरीय पंचायत व्यवस्था में संसाधनों और प्राथमिकताओं के व्यवहारिक सामंजस्य के लिये ग्रम पंचायत ही मूल इकाई है इसलिये इस प्रक्रिया को गाम पंचायत विकास योजना के नाम से संबोधित कि गया है।

प्रदेश में ग्राम पंचायत विकास योजना को स्मार्ट ग्राम-स्मार्ट पंचायत नाम दिया गया है अर्थात नियोजन की नियत प्रकिया अपना कर ग्राम पंचायत द्वारा अंतिम रूप से तैयार किये गये अभिलेख को ‘स्मार्ट ग्राम -स्मार्ट पंचायत नाम दिया जाएगा।

प्रपत्र 01 रिसोर्स एनवलप का निर्धारण

ग्राम पंचायतों को प्राप्त होने वाली समस्त राशियों तथा अन्य संसाधनों को एकजायी कर “रिसोर्स एनवलप’ नाम से संबोधित किया गया है।

रिसोर्स एनवलप में निम्न राशियाँ सम्मिलित होग –

1.ग्राम पंचायतों को करों, शुल्क, ब्याज, किराया आदि से प्राप्त होने वाली स्वयं की आय ।

2.14 वे वित आयोग से प्राप्त होने वाली राशि

3.लेबर बजट अनुसार मनरेगा में ग्राम पंचायत के लिये नियत राशि

4. राज्य सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदाय की जाने वाली समस्त राशियां

5.राज्य सरकार के अन्य विभागों द्वारा अपनी नीति के तहत ग्राम पंचायतों को जारी की जाने वाली राशियाँ

6. जनपद पंचायत, जिला पंचायत एवं जिला कलेक्टर द्वारा प्रदान की जाने वाली समस्त राशियां।

7. अन्य ऐसी योजनाएं जिनमें ग्राम पंचायतों को सीधे राशि प्राप्त नहीं होती है पर वह अपनी पंचायत क्षेत्र के लिये हितग्राही या गतिविधि चयन कर उन योजनाओं का लाभ ग्राम पंचायत क्षेत्र में ले सकती है उनका आंकलन करके रिसोर्स एनवलप में सम्मिलित किया जाना होगा। जैसे कि स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि ।

प्रपत्र 02 स्थिति विश्लेषण Situation Analysis

ग्राम पंचायत विकास योजना की कार्यवाही प्रारंभ करन के पूर्व नियत ग्रामीण सहभागी प्रबंधन तरीकों से विभिन्न क्षेत्रों में ग्राम पंचायत के सभी ग्रामों की स्थिति का विश्लेषण किया जावेगा। विश्लेषण उपरांत यह जानकारी प्रपत्र 02 में तैयार की जावेगी ।

03- ग्राम सभा द्वारा अंतिम रूप से अनुमोदित सार्वजनिक निर्माण कार्य 

ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थिति का विश्लेषण कर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार आवश्यक कार्यों तथा उनकी प्राथमिकताओं को चिन्हित कर उनकी प्रविष्टि प्रपत्र 03 में की जानी है। प्रपत्र में चिन्हित कार्यो को क्षेत्र विभागवार भरा जावे अर्थात एक विभाग से संबंधित कार्यों को एक प्रपत्र मे भरा जाये।

यह प्रपत्र वर्षवार भी कर तैयार किया जाना है अर्थात वित्तीय वर्ष 2016-17 में किये जाने वाले कार्यों का एक प्रपत्र इसी प्रकार कता आगामी 5 वित्तीय वर्ष में लिये जाने वाले कार्यों के लिये प्रथक प्रथक प्रपत्र भरे जाने है। ऐसे चिन्हित कार्य ग्राम जिनके संबंध में कार्यवाही जिला या राज्य स्तर से अपेक्षित हो उनके लिये उक्त प्रारूप में ही प्रथक प्रपत्र क्या तैयार किया जाकर ग्राम पंचायत विकास योजना में तैयार किया जावे।

प्रपत्र 4 ग्राम सभा द्वारा अंतिम रूप से अनुमोदित हितग्राही मूलक निर्माण कार्य

ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थिति का विश्लेषण कर प्रभावी योजनाओं/कार्यक्रम अनुसार हितग्राही मूलक निर्माण कार्यों तथा उनके प्राथमिकता क्रम को चिन्हित कर उनकी प्रविष्टि प्रपत्र 04 में की जानी है। प्रपत्र में चिन्हित कार्यों को विभागवार प्रचलित योजना तथा कार्यक्रम अनुसार भरा जाये अर्थात एक विभाग से संबंधित हितग्राहीमूलक निर्माण कार्यों को एक प्रपत्र मे भरा जावे।

यह प्रपत्र वर्षवार भी तैयार किया जाना है अर्थात वित्तीय वर्ष 2016-17 में लाभान्वित किये जाने वाले हितग्राहियों का एक प्रपत्र इसी प्रकार आगामी 5 वित्तीय वर्ष में लाभान्वित किये जाने वाले हितग्राहियों के लिये प्रथक प्रथक प्रपत्र भरे जाने है।

पत्र 05 ग्राम सभा द्वारा अंतिम रूप से अनुमोदित हितग्राही मूलक गतिविधियों हेतु

ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थिति का विश्लेषण कर प्रभावी योजनाओं / कार्यक्रम अनुसार निर्माण कार्यों से प्रथक हितग्राही मूलक लाभों / सेवाओं / सुविधाओं के लिये चिन्हित व्यक्तियों तथा उनके प्राथमिकता कम को चिन्हित कर उनकी प्रविष्टि प्रपत्र 05 में की जानी है।

प्रपत्र में चिन्हित कार्यों को विभागवार प्रचलित योजना तथा कार्यक्रम अनुसार भरा जावे अर्थात एक विभाग से संबधित हितग्राहीमूलक लाभों / सेवाओं / सुविधाओं या को एक प्रपत्र मे भरा जावे। यह प्रपत्र वर्षवार भी तैयार किया जाना है अर्थात वित्तीय वर्ष 2016-17 में लाभान्वित किये जाने वाले हितग्राहियों का एक प्रपत्र इसी प्रकार आगामी 5 वित्तीय वर्ष में लाभान्वित किये ने वाले हितग्राहियों के लिये प्रथक प्रथक प्रपत्र भरे जाने है।

पत्र 06- लागत रहित (Cost Less) कार्यक्रम

न ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया में वह कार्यक्रम तथा गतिविधियों जो नियमित रूप से संपादित होती है उन्हीं में सघन दृष्टिकोण अपनाकर ग्राम पंचायत में एक आदर्श स्थिति प्राप्त करने का संकल्प या निर्णय ग्राम सभा के द्वारा किया जा सकता है।

इसी प्रकार केवल सामाजिक जागरूकता या प्रतिबद्धता के आधार पर भी ग्राम पंचायत को प्रथक पहचान दी जा सकती है। इस प्रकार के कार्यक्रम को लागत रहित (Cost Less) कार्यक्रम कहा गया है। उदाहरण के रूप में यदि कोई ग्राम पंचायत यह निर्णय अती है कि पंचायत क्षेत्र के समस्त दिव्यांगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जा चुका है।

दिव्यांगों को समान सम्मान दिया गया है तथा समस्त सार्वजनिक स्थानों में बाधारहित सुविधाऐं विकसित की जा चुकी है तो वह ग्राम पंचायत “दिव्यांग मित्र ग्राम पंचायत के रूप में स्वयं को घोषित कर सकती है। इसी तरह के सुझावात्मक विषय प्रपत्र -06 में दिये गये है।

प्रपत्र 07- ग्राम पंचायत द्वारा चिन्हित किये गये सामुदायिक/व्यक्तिगत निर्माण कार्यों का गोश्वारा

प्रपत्र 03 एवं 04 में विभागवार तथा स्तर वार तैयार की गयी कार्यवाही को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रपत्र 07 में संकलित किया जावेगा।

प्रपत्र 08- ग्राम पंचायत द्वारा हितग्राहीमूलक कार्यक्रम अंतर्गत चिन्हित किये गये हितग्राहियों का गोश्वारा

प्रपत्र 5 में विभागवार तैयार की गयी कार्यवाही को ग्राम पंचायत स्तर पर पर ग्राम प्रपत्र 08 में संकलि किया जाना है।

प्रपत्र 09- ग्राम पंचायत विकास योजना GPDP का सुझावात्मक प्रारूप

ग्राम पंचायत द्वारा विकास योजना तैयार करने के संबंध में की गयी समस्त गतिविधियों को प्रपत्र 9 में संकलित किया जाकर ग्राम पंचायत विकास योजना का प्रारूप तैयार किया जावेगा।

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