ग्राम पंचायत विकास योजना के घटक

कार्य हेतु अंशदान एवं अभिसरण (कनवर्जेस)

ग्राम पंचायत विकास योजना के निर्माण,

क्रियान्वयन की विभिन्न स्तर की भूमिका एवं जिम्मेदारियां

ग्राम पंचायत विकास योजना कार्यान्वित होने के पश्चात् अपेक्षित परिणाम

ग्राम पंचायत विकास योजना का ई-संस्करणः

पंचायत दर्पण

ग्राम पंचायत विकास योजना

GPDP प्रपत्रों को भरे जाने के संबंध में सामान्य निर्देश

परिशिष्ट-क रिसोर्स एनवलप 14वे वित्त आयोग के दिशा निर्देश

.ग्राम पंचायत की आवश्यकताओं का निर्धारण

ग्राम पंचायत की आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं का निर्धारण करने हेतु ग्राम सभा की बैठक बुलाई जायेगी। स्थिति विश्लेषण रिपोर्ट को ग्राम सभा में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जायेगा साथ ही साथ जन सामान्य की आवश्यकताओं एवं कार्यों का चिन्हीकरण किया जायेगा।

ग्राम सभा में पंचायत के पास उपलब्ध संसाधनों की भी जानकारी दी जायेगी इसके उपरान्त जन सामान्य की आवश्यकताओं, पंचायत के पास उपलब्ध संसाधन तथा स्थिति विश्लेषण को ध्यान में रखते हुए ग्राम सभा में आवश्यकताओं एवं कार्यों का प्राथमिकीकरण किया जायेगा।

सभी विकासात्मक आवश्यकताओं एवं कार्यों का प्राथमिकीकरण ग्राम सभा की बैठक में लिए गये निर्णय के अनुसार ही किया जायेगा।

कार्यों के चिन्हांकन की प्रक्रिया एवं प्राथमिकता निर्धारण –

यह आवश्यक होगा कि ग्राम पंचायतें कार्यों की आवश्यकता एवं प्राथमिकता का निर्धारण करते समय

अपने पंचायत क्षेत्र के समस्त ग्रामों तथा बसाहटों को समान दृष्टि से देखें अर्थात् कोई भी ग्राम या बसाहट

उपेक्षित ना रहे।

ग्राम पंचायत की आवश्यकता निर्धारण के उद्देश्य

वार्षिक नियोजन में विकास के मुद्दों को चिन्हांकित करना ।

विकास स्थिति रिपोर्ट का ग्राम सभा से स्वीकृति लेना ।

पंचवर्षीय योजना में विकास हेतु मुद्दों को चिन्हांकित करना ।

ग्राम सभा से प्राथमिक विकास स्थिति रिपोर्ट के आधार पर सुझाव लेना ।

कार्यपूर्व गतिविधियां

ग्राम सभा में अधिक से अधिक उपस्थिति एवं सहभागिता हेतु वातावरण का निर्माण करना।

ग्राम सभा हेतु लाऊड स्पीकर, प्रचार-प्रसार सामग्री, पत्र, सूचना आदि बनवाना । स्वयं सहायता समूह, सी.बी.ओ., सी.एस.ओ. और विशेषज्ञ व्यक्तियों को पत्र व्यवहार करना।

ग्राम सभा हेतु सभी सामग्री, बैठक व्यवस्था और संबंधित दस्तावेजों आदि की पूर्व तैयारी करना।

ग्राम पंचायत विकास योजना का प्रारूप

ग्राम पंचायत विकास योजना हेतु एक प्रारूप ग्राम सभा की प्राथमिकताओं और उनकी अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुये बनाना चाहिए। इसमें वहां के उपलब्ध संसाधनों एवं परियोजना किस रूप में होगी एवं उसका क्रियान्वयन किस रूप में होगा इस बात का ध्यान रखा जावेगा।

 ग्राम पंचायत विकास योजना के प्रारूप के चरण

कार्यकारी समूह दल की बैठक।

ग्राम पंचायत के अनुमोदन एवं स्वीकृति के पश्चात प्राथमिकताओं एवं उपलब्ध राशि के आधार पर योजना का प्रारूप तैयार करना चाहिए जो कि वार्षिक एवं पंचवर्षीय योजनाओं को ध्यान में रखा जाये। कार्यकारी समूह द्वारा ग्राम पंचायत समिति से सलाह के पश्चात ही वार्षिक एवं पंचवर्षीय योजना का निर्माण करना चाहिए। .

ग्राम पंचायत समिति को राज्य सरकार द्वारा दिये गये प्रपत्रों में ही जानकारी भरकर योजना का निर्माण ।

इसके पश्चात ग्राम पंचायत समिति द्वारा वार्षिक योजना को अंतिम स्वीकृति प्रदान करना होता है। जिसमें उपलब्ध संसाधनों एवं उपलब्ध राशि को ध्यान में रखा जाना चाहिए। यह भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि उस परियोजना हेतु जितनी राशि उपलब्ध करायी गई है वह पर्याप्त है कि नहीं।

गतिविधियां

1. चर्चा एवं ग्राम सभा में विकास स्थिति रिपोर्ट की स्वीकृति

ग्राम सभा में किसी एक ग्राम सदस्य द्वारा / स्त्रोत व्यक्ति / कार्यकारी समूह सदस्य द्वारा विकास स्थिति रिपोर्ट पढ़कर सुनाई जानी चाहिए जिसमें जल, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा आदि सभी बिन्दुओं को लिया जाना चाहिए। जिसमें आने वाली चुनौतियों का भी वर्णन हो ।

2. ग्राम पंचायत के रिसोर्स एनवलप के बारे में चर्चा करना

रिसोर्स एनवलप और विकास हेतु आवश्यक जरूरतों को पूरा करने हेतु चर्चा करना ।

3. कार्यों का प्राथमिकीकरण जो निम्नलिखित विषयों के आधार पर किया जा सकता है:

विभिन्न विषयों के द्वितीय/सहयोगी आंकड़ों का संदर्भ ग्रहण करना। 

गरीब परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखना।

समुदाय का एकमत होना। 

संसाधनों की उपलब्धता ।

4. प्रस्तावित गतिविधियों की स्वीकृति

5. बैठक के बिन्दु बनाना ।

ग्राम पंचायत विकास योजना का प्रारूप तैयार करना 

वस्तुस्थिति के आधार पर ग्राम पंचायत रिसोर्स एनवलव के परिपेक्ष्य में प्राथमिकता निर्धारित कर अपने

लिये एक विकास योजना में पूर्व में उल्लेखित घटकों को समाहित करते दो भाग होंगे:

प्रत्येक कार्य को संपादित करने हेतु समय सीमा का भी उल्लेख किया जाएगा। विकास योजना में ग्राम पंचायत अपने वार्षिक और दीर्घकालीन लक्ष्य तथा स्वरूप निर्धारित कर सकती है। अतः निर्धारित किया जा सकता है कि एक वर्ष बाद ग्राम पंचायत का स्वरूप कैसा होना चाहिए या उसके बाद के वर्षों में ग्राम पंचायत किस रूप में स्थापित हो। संबंधित प्रारूप पृथक से उपलब्ध कराया जाएगा।

(1) सामुदायिक कार्य

(2) हितग्राही मूलक कार्य ।

ग्राम पंचायत विकास योजना का ग्राम सभा द्वारा अनुमोदन

1. ग्राम पंचायत द्वारा तैयार विकास योजना के ग्रामवार घटकों को संबंधित ग्राम सभा में अनुमोदन हेतु

प्रस्तुत किया जावेगा। 

2.ग्राम सभा द्वारा उद्भूत समस्त विषयों को तार्किक आधार पर ग्राम पंचायत विकास योजना में सम्मिलित

किया जावेगा।

3.इस प्रकार तैयार ग्राम पंचायत विकास योजना, ग्राम पंचायत के द्वारा जनपद पंचायत को सूचनार्थ तथा आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की जाएगी।

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