मुख्यमंत्री निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना

निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम 1995 के प्रावधानों के तहत निःशक्त बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना वर्ष 2013 से प्रारम्भ की गई।

मुख्यमंत्री निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना के मुख्य उद्देश्य है

  1. निःशक्त विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना।
  2. निःशक्त विद्यार्थी जो दोनों पैरों से चलने में सक्षम नहीं हैं (अस्थि बाधित) उनकी पहुंच शैक्षणिक संस्थाओं तक बाधा रहित / सुगम बनाना ।
  3. दृष्टि बाधित एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों को अध्ययन हेतु सहायक उपकरण उपलब्ध कराना।
  4. निःशक्त विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराकर उनको आत्मनिर्भर बनाना पात्रता की शर्तें
  5. मध्यप्रदेश के मूल निवासी हो ।
  6. अस्थिबाधित श्रेणी के विद्यार्थी के 9 वी कक्षा में प्राप्तांक 60 प्रतिशत होने पर कक्षा 10 वी में प्रदेश लिया हो अथवा आई.टी.आई. में प्रवेश लिया हो एवं अन्य श्रेणी के निःशक्तजनों के 9 वी कक्षा में प्राप्तांक 50 प्रतिशत होने पर 10 वी कक्षा में प्रथम बार प्रवेश लिया हो अथवा आई.टी.आई. में प्रवेश लिया हो । ३. निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 के

अंतर्गत निःशक्तता की श्रेणी में शामिल, अस्थिबाधित जो दोनों पैरों से चलने में असमर्थ हो 40

प्रतिशत से अधिक दृष्टि बाधित, 40 प्रतिशत से अधिक श्रवण बाधित एवं मंदबुद्धि जिनको

चिकित्सकों द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया गया हो। 4. निःशक्त विद्यार्थी का नाम समय स्पर्श पोर्टल में अंकित होना चाहिये। आवेदन पत्र संयुक्त संचालक / उपसंचालक सामाजिक न्याय निःशक्त कल्याण विभाग के कार्यालय में

निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ जमा करायें

  1. विगत वर्ष में उत्तीर्ण परीक्षा की अंकसूची
  2. चिकित्सक द्वारा जारी निःशक्तता प्रमाण पत्र
  3. माता पिता / अभिभावक का आय प्रमाण पत्र
  4. संबंधित शिक्षा संस्थान का प्रमाण पत्र जिसमें नियमित विद्यार्थी के रूप में प्रवेश लिया है।

आवेदक स्पर्श पोर्टल की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। चयनित निःशक्त विद्यार्थियों को शिक्षा प्रोत्साहन के रूप में दी जाने वाली सामग्री

1 [दृष्टिपति श्रवणबाधित अस्थिबाधित एवं मंदबुद्धि श्रेणी के विद्यार्थी को लैपटॉप प्रदान किया जाएगा। 2 अस्थिबाधित (शरीर का निचला भाग प्रभावित होने से चलने में अक्षम, न्यूनतम 60 प्रतिशत निःशक्तता) श्रेणी के विद्यार्थी को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की जायेगी।

मुख्यमंत्री निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना

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