प्रशिक्षण

SHG Rural Water Supply Programme

सहायता समूह द्वारा ग्रामीण जल प्रदाय योजना क्रियान्वयन एवं प्रबंधन SHG Rural Water Supply Programme

केंद्र एवं राज्य सरकारों ने मिलकर ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त मात्रा के साथ अच्छी गुणवत्ता वाला स्वच्छ पेय जल की नियमित आपूर्ति बनी रहे, इस उद्देश्य से अनेक कार्यक्रम और योजनाओं का कार्यान्वयन समय-समय पर सरकार चलती रही है। परन्तु इन सभी योजनाओं की जब समीक्षा के दौरान ऐसा देखा व पाया गया, लगभग सभी […]

सहायता समूह द्वारा ग्रामीण जल प्रदाय योजना क्रियान्वयन एवं प्रबंधन SHG Rural Water Supply Programme Read More »

ग्राम पंचायत विकास योजना कार्यान्वित होने के पश्चात् अपेक्षित परिणाम

ग्राम पंचायत विकास योजना की सफलता से निम्नलिखित परिणाम मूलक परिवर्तन होंगें – संपूर्ण रोजगारयुक्त ग्राम पंचायत खुले में शौच मुक्त ग्राम पंचायत बीमारी (टीबी, मलेरिया, एड्स) मुक्त ग्राम पंचायत ग्रीन ग्राम पंचायत (हरियाली पंचायत) संपूर्ण जल संरक्षित ग्राम पंचायत जैविक ग्राम पंचायत जैवविविधता युक्त ग्राम पंचायत इको टूरिज्म मित्र ग्राम पंचायत पर्यावरण मित्र ग्राम

ग्राम पंचायत विकास योजना कार्यान्वित होने के पश्चात् अपेक्षित परिणाम Read More »

लेखांकन एवं लेखा परीक्षण

14वें वित्त आयोग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि “वित्तीय जवाबदेही के लिए उचित लेखा (लेखांकन) प्रारम्भिक बिंदु है। वार्षिक लेखा का रखरखाव नहीं किया जाना अथवा उनका ि संकलन किए जाने का मतलब जवाबदेही के साथ समझौता करना है।” मासिक प्रतिवेदन तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र ग्राम पंचायतों द्वारा प्रति माह निर्धारित प्रपत्र में जनपद

लेखांकन एवं लेखा परीक्षण Read More »

NRLM (एन. आर. एल. एम.)

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन.आर.एल.एम.) केन्द्र द्वारा पोषित एक महत्वपूर्ण योजना है जो कि गोवा तथा पांडूचेरी के अलावा सभी राज्यों में कियान्वित की जा रही है। जून 2011 में एन.आर.एल.एम. को प्रारम्भ किया गया। एन.आर.एल.एम. का मुख्य उद्देश्य है कि 2024-25 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण गरीब परिवारों को कम से कम एक महिला

NRLM (एन. आर. एल. एम.) Read More »

पी. आर. ए. से आंकड़ों के संकलन –

प्राथमिक आंकड़ों के संकलन हेतु सहभागी नियोजन की प्रक्रिया अपनाते हुए पी.आर.ए. (सहभागी ग्रामीण आंकलन) पद्धति का उपयोग किया जायेगा। पी.आर.ए. ग्रामीणों की महत्वपूर्ण समस्यायें एवं निराकरण की संभावनाओं को शीघ्रतम ज्ञात करने हेतु यह एक अनौपचारिक तरीका है। प्राथमिक आंकड़ों के संकलन हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न गतिविधियों को उपयोग किया जा सकता

पी. आर. ए. से आंकड़ों के संकलन – Read More »

पी. आर. ए. हेतु दिशानिर्देश

वे जानते हैं इसलिए उन्हें प्राथमिकता (ग्रामीण) वे कर सकते हैं (पी.आर.ए. की विधियां कार्यों का नियोजन एवं क्रियान्वयन) वार्तालाप को ध्यान से सुनें व सीखने का प्रयास करें। लोगों से उनकी सुविधा व समय के अनुसार मिलें न कि अपनी सुविधा अनुसार । प्रक्रिया में ज्यादा हस्तक्षेप न करें, जल्दबाजी न बताएं। आलोचना न

पी. आर. ए. हेतु दिशानिर्देश Read More »

पी.आर.ए. (PARTICIPATORY RURAL APPRAISAL)

पी. आर. ए. (सहभागी ग्रामीण आंकलन) अंग्रेजी शब्द (पार्टीसिपेटरी रूरल एप्रेजल) का संक्षिप्त रूप है। इसे हिन्दी में सहभागी ग्रामीण समीक्षा या सहभागी ग्रामीण आंकलन कह सकते हैं। यूं तो पी. आर.ए. का उपयोग विकास के किसी भी क्षेत्र में किया जा सकता है, किन्तु इसका उपयोग जन भागीदारी से विकास योजनाओं के निर्माण में

पी.आर.ए. (PARTICIPATORY RURAL APPRAISAL) Read More »

जीपीडीपी समिति/समूह – 

ग्राम पंचायत विकास योजना समिति का चयन निम्नांकित में से किया जाएगा –  जनप्रतिनिधि / स्थानीय समिति । भूतपूर्व जनप्रतिनिधि । सेवारत एवं सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी / शिक्षक । स्वसहायता समूह / विभिन्न संघटन संघ । महिला प्रतिनिधि / कार्यकर्ता । युवा वर्ग / विद्यार्थी वर्ग / राष्ट्रीय सेवा योजना / एनसीसी आदि। भारत निर्माण

जीपीडीपी समिति/समूह –  Read More »

The constitution of India

The constitution of India : भारत का संविधान

भारत का संविधान उद्देशिका “हम भारत के लोग, भारत को संपूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न समाजवादी पंथ निरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य, बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को : सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की

The constitution of India : भारत का संविधान Read More »

Scroll to Top